20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केन्द्र चुकाएगा केन्द्रीय बिजली उत्पादन कम्पनियों का बकाया

डिस्कॉम कम्पनियों से मांगा बकाया का विवरण

2 min read
Google source verification
Center will pay dues of central power generation companies

Details of outstanding demands from discom companies

अजमेर डिस्कॉम को चुकाने हैं 1011 करोड़
अजमेर. केन्द्र सरकार कोविड-19 के चलते लागू लॉकडाउन से बेहाल हुई बिजली कम्पनियों को राहत देने की तैयारी में है। केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय बिजली उत्पादक कम्पनियों का ब्यौरा मांगा है जिनसे विद्युत वितरण (डिस्कॉम) कम्पनियां बिजली खरीदती है। केन्द्र सरकार इन कम्पनियों को बिजली खरीद के पेटे बकाया भुगतान करेगी। अजमेर डिस्कॉम को केन्द्रीय बिजली उत्पादन कम्पनियों जिनमें एनटीपीसी, एनएचपीसी, न्यूक्लीयर पावर आदि को १०११ करोड़ रुपए का बकाया चुकाना है। डिस्कॉम ने इसका विवरण भेजा है। अजमेर डिस्कॉम प्रतिमाह ७५० करोड़ रुपए की बिजली खरीदता है। अजमेर डिस्कॉम ने चालू वित्तीय वर्ष अप्रेल व मई में १५८२.५३ करोड़ की बिजली खरीदी जिसके पेटे ७१५.५१ करोड़ का ही भुगतान हो सका। पावर जनरेटर को दो माह में ८६७ करोड़ का भुगतान नहीं हो सका। डिस्कॉम को यह भारी पड़ रहा है।

बिजली क्षेत्र के लिए ९० हजार करोड़
केन्द्र सरकार ने कोविड-१९ को लेकर २० लाख करोड़ का राहत पैकेज जारी किया है। इसमें से ९० हजार करोड़ रुपए बिजली कम्पनियों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि इसमें अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस बिजली कम्पनी को कितनी राशि मिलेगी। यदि राशि मिलती भी है तो इससे पावर जनरेटर कम्पनियों को ही भुगतान हो सकेगा।

अजमेर डिस्कॉम को चुकाना है ६०६५ करोड़
अजमेर डिस्कॉम को कुल ६०६५ करोड़ का बकाया बिजली खरीद का भुगतान पावर जनरेटर कम्पनियों को देना है। इसमें ३२०० करोड़ का भुगतान सरकारी बिजली उत्पादक (केन्द्रीय व राज्य)कम्पनियों को ही करना है। शेष राशि प्राइवेट पावर जनरेटर का है। पैसा नहीं होने और पावर जनरेटर को लेट पेमेंट करने पर डिस्कॉम को भी एलपीएस देना पड़ता है।

फैक्ट फाइल
अजमेर डिस्कॉम के पास ११ जिलों में ४०५०८६७ घरेलू, ३५३६४० अघरेलू, ६९१५ स्ट्रीट लाइट, ४९४२५७ एजी (मीटर), २५३२० एजी (एफआर),१४३० एजी (पी) श्रेणी के उपभोक्ता हैं। औद्योगिक श्रेणी के ८३ हजार २५१ उपभोक्ता है। इनमें एसआईपी श्रेणी के ४७८८९ उपभोक्ता है जबकि एमआईपी के १००६६,एलआईपी के ४४३१,एसआइपी (डब्ल्यू डब्ल्यू) के ३०४, एमआईपी (डब्ल्यू डब्ल्यू) के १६०, मिक्स लोड के २०४०१ उपभोक्ता हैं।