Chandrayaan 2 : टिकी है विश्व की निगाहें, ISRO के पूर्व साइंटिस्ट पी.एम. उडानी और उत्साहित जयपुरवासी बोले

Surendra Kumar Samaria

Updated: 14 Jul 2019, 07:07:04 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

श्री हरिकोटा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र ( Satish Dhawan Space Centre ) से चंद्रयान-2 लॉन्च होगा। विश्वभर की निगाहें भारत के चंद्रयान-2 पर है। वहीं, जयपुर निवासी इसरो ( ISRO ) के पूर्व साइंटिस्ट पी.एम. उडानी सहित जयपुरवासी उत्साहित है। चंद्रयान-2 को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

डॉ. पी.एम. उडानी, पूर्व साइंटिस्ट ISRO व विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी प्रेसीडेंट
बाहुबली रॉकेट चंद्रयान 2 को लॉन्च कर रहा है। भारत के लिए बहुत बड़ा अचीवमेंट है। इसरो, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के सभी साइंटिस्ट और देशवासियों को बधाई देता हूं। भारत के लिए आज इससे बड़ा कुछ नहीं है। विश्वभर की निगाहें भारत के चंद्रयान 2 पर टिकी है। चंद्रयान 2 के लॉन्च से भारत विश्व के अग्रणी देशों में खड़ा होगा। बड़ी बात है कि इसके निर्माण को लेकर काफी चर्चा है, इसमें अन्य देशों की तुलना में बहुत कम लागत आई है।

सीताराम मणि त्रिपाठी, प्रोग्रामर, बिड़ला प्लैटेनेरियम जयपुर
चंद्रयान 1 के बाद से ही चंद्रयान 2 पर योजना बन गई थी। चंद्रयान 1 ने जहां पानी की खोज की थी। वहीं, चंद्रयान 2 जमीनी हकीकत बताएगा। इसके लॉन्च के साथ ही भारत विश्व में चौथे स्थान पर आ गया है। यान में रोवर वहां की रासयनिक विश्लेषण करेगा।

अर्पित दुबे, रिसर्च स्कॉलर
चांद की सतह के पास जाने पर चंद्रयान-2 वहां दक्षिणी धु्रव की सतह पर लैंड करेगा। इससे नई तत्व की जानकारी मिलेगी। यह भारत और भारतीय साइंटिस्ट्स ( indian scientists ) के लिए बड़ा सम्मान है। रिसर्च स्कॉलर को बड़ा फायदा मिलेगा। देश को विश्व में नई ऊंचाई मिलेगी।

परिधि पारीक, कॉलेज स्टूडेंट
पूरा देश चंद्रयान-2 के लॉन्च ( Chandrayaan 2 Launch ) को लेकर उत्साहित है। खुशी है कि भारतीय विश्व के सुपर पावर देशों में अग्रणी बन गया है। इस लॉन्च से निश्चय ही देश को नई ऊंचाई मिलेगी। युवा और प्रोत्साहित होंगे। साइंस रिसर्च को ग्रोथ मिलेगी। अब भारत दक्षिणी धु्रव की सतह पर उतरकर विश्व का नेतृत्व भी करेगा।

संदीप भट्टाचार्य, डायरेक्टर, बिड़ला प्लैटेनेरियम जयपुर
स्पेस साइंस के ताकतवर देशों में भारत अग्रणी आ गया है। देश की साइंस को प्रगति मिलेगी। देश और देश के साइंटिस्ट्स के लिए सबसे बड़ा सम्मान है। चंद्रयान-2 में रोवर चंद्रमा पर मिट्टी के नमूने लेगा। वहां पर मूल कण की खोज करेगा। पानी है तो बर्फ के रूप में सतह पर है या मिट्टी के कितने नीचे। इसके बारे में जानकारी मिलेगी।

 

 

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