chandrayaan-2: नासा के वैज्ञानिकों ने कही बड़ी बात

chandrayaan-2:  नासा के वैज्ञानिकों ने कही बड़ी बात
chandrayaan-2: नासा के वैज्ञानिकों ने कही बड़ी बात

Sangeeta Chaturvedi | Updated: 09 Sep 2019, 12:55:02 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

chandrayaan-2:
नासा के वैज्ञानिकों ने कही बड़ी बात

chandrayaan-2: बात करें चंद्रयान 2 की, तो चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर चांद की सतह पर उतरने वाला था... और सतह से 2.1 किलोमीटर की दूरी पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का लैंडर से संपर्क टूट गया। भले ही चांद पर उतरने से पहले भले ही चंद्रयान-2 मिशन से संपर्क टूट गया हो... पर पूरी दुनिया मान रही है कि ये इसरो की एक बड़ी सफलता है... अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इसरो की सराहना की है... ये जानकर आप गर्व से भर जाएंगे कि नासा ने कहा है कि आप और आपकी यात्रा हमें प्रेरणा देते हैं। वहीं अमेरिका ने कहा है कि चंद्रयान-2 मिशन वैज्ञानिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए मूल्यवान डाटा देने का काम करना जारी रखेगा। दक्षिण और मध्य एशिया के कार्यवाहक सहायक सचिव एलिस जी वेल्स ने कहा, हम इसरो को चंद्रयान-2 पर उनके अविश्वसनीय प्रयासों के लिए बधाई देते हैं। यह मिशन भारत के लिए एक बड़ा कदम है और यह वैज्ञानिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण डाटा देना जारी रखेगा।अमेरिकी राजनयिक ने कहा, हमें इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत अपनी अंतरिक्ष आकांक्षाओं को हासिल करेगा।
नासा ने अपने ट्वीट में लिखा था.. अंतरिक्ष में शोध करना मुश्किल काम है. हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इसरो के चंद्रयान-2 मिशन को उतारने के प्रयास की सराहना करते हैं. आपने हमें अपनी यात्रा से प्रेरित किया है और
भविष्य में हम सौरमंडल पर मिलकर काम करने के अवसर के लिए तत्पर हैं... वहीं यूनाइटेड अरब अमीरात की स्पेस एजेंसी ने ट्वीट कर कहा था... चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम, जिसे चंद्रमा पर उतरना था, से संपर्क टूटने के बाद हम इसरो को अपने पूरे सहयोग का आश्वासन देते हैं. भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक रणनीतिक खिलाड़ी साबित हुआ और इसके विकास एवं उपलब्धि में भागीदार है. इसी तरह आस्ट्रेलियाई स्पेस एजेंसी ने ट्विटर के जरिए लिखा था.. विक्रम लैंडर, चंद्रमा पर अपने मिशन को साकार करने के लिए कुछ किलोमीटर की दूरी पर था. इसरो हम आपकी टीम के प्रयासों और अंतरिक्ष में यात्रा जारी रखने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं.गौरतलब है कि 23 जुलाई को जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट के जरिए चंद्रयान-2 को छोड़ा गया था। चंद्रयान-2 के लैंडर को चांद की सतह पर उतरना था... लेकिन तय समय से कुछ देर पहले ही इसरो से चंद्रयान-2 का संपर्क टूट गया... बता दें कि यदि यह मिशन सफल होता तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चौथा देश बन गया होता जिसने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कराई हो। हालांकि अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों ने अभी तक लैंडर के साथ संपर्क स्थापित करने पर उम्मीद नहीं छोड़ी है,
इसरो प्रमुख के. सिवन ने कहा है कि यह प्रयास अगले 14 दिनों तक जारी रहेगा।

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