यह आदतें बदल देंगी, जीने का नजरिया

जीवन में जरूरी है कि एक समय के बाद नए-नए बदलाव किए जाएं।

By: Kiran Kaur

Published: 25 Apr 2018, 11:54 AM IST

बदलाव जीवन को नया नजरिया देते हैं और तनाव आदि से बचाते हैं। इनसे आप तमाम तरह की कठिनाइयों का सामना भी ठीक तरह से कर पाते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो जब आपको जिंदगी में नीरसता महसूस होने लगे तो समझ लें कि अब समय आ गया है कि कुछ नई चीजों को अपनाया जाए। हो सकता है कि नए अवसरों को अपनाना आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन इसकी मदद से आप जीवन में खुशियां और सफलता हासिल कर पाएंगे। साथ ही अपनी निजी जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा पाएंगे।
हेल्दी फूड खाएं : साफ-सुथरा खानपान पेट के लिए फायदेमंद होता है, जिससे वसा को गलाने में मदद मिलती है। ऐसा खानपान कोशिकाओं को पोषक तत्व प्रदान करके इंफ्लेमेशन से लडऩे में मदद करता है। इसलिए अपने आहार में हरी सब्जियों को जरूर शामिल करें। डाइट में दही शामिल करें। यह आपके पाचनतंत्र को दुरुस्त बनाए रखता है। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और आप जल्दी बीमार नहीं पड़ते एवं ऊर्जावान बने रहते हैं। अपने खानपान से शुगर की अधिक मात्रा को हटा देना ही बेहतर है क्योंकि यह आपको जल्दी वृद्ध बनाने का काम करती है।
एनर्जी के लिए वॉक करें : कई शोधों में पाया गया है कि नियमित व्यायाम करने वाले लोग, एक्सरसाइज न करने वाले लोगों की तुलना में 10 साल कम उम्र के लगते हैं। व्यायाम से आपकी मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती बनी रहती है। इसलिए अपने दिन की शुरुआत स्ट्रेचिंग से करें, इससे आपकी मांसपेशियां रिलेक्स होंगी व जोड़ों में तनाव की समस्या से आपको राहत मिलेगी। एक बार में ही बहुत ज्यादा व्यायाम करने की बजाय थोड़े से शुरुआत करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाते चले जाएं।

नए अवसर देखें : ज्यादातर लोग कुछ भी नया करने से डरते हैं, जबकि सच यह है कि अधिकांश बड़े अवसर नए रास्तों पर ही मिलते हैं। नई-नई परिस्थितियों का सामना करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। इसलिए जितना हो सके नई चीजों या अवसरों को अपनाएं। काम करने के नए-नए तरीके खोजें, नए लोगों से मिलें, नई जगहों पर घूमें, नए विचारों को जानें और नई आदतों को अपनाएं। नए का संबंध जोखिम से होता है, जितना आप नई चीजों के संपर्क में आएंगे, उतनी ही जोखिम उठाने की ताकत बढ़ेगी।

दूसरों की मदद करें : जब आप दूसरों की मदद करते हैं तो मन में खुशी का भाव आता है, जिससे तनाव आदि से रिलेक्स मिलता है। मेडिटेशन के जरिए भी आप न केवल दिमाग को रिलेक्स कर सकते हैं बल्कि अपनी एकाग्र क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं। इससे आपकी मैमोरी भी बढ़ती है। इसके अलावा अपना नजरिया सकारात्मक बनाए रखें। किसी भी बात में नकारात्मकता तलाशेंगे तो सिर्फ उलझन और तनाव ही आपके हाथ लगेगा।

Kiran Kaur Desk
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