Good News : राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, आंगनबाड़ी केन्द्रों में मिलेंगे तिल-बेसन के लड्डू और रोटी-सब्जी

राजस्थान सरकार कुपोषण दूर करने के लिए के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों के मेन्यू में होगा बड़ा बदलाव, हर दिन नहीं मिलेगी दलिया-खिचड़ी

By: pushpendra shekhawat

Published: 27 Nov 2019, 08:00 AM IST

शादाब अहमद / नई दिल्ली. राजस्थान सरकार ( Rajasthan Government ) कुपोषण से लडऩे के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले 40 लाख गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषाहार मेन्यू में बड़ा फेरबदल करने जा रही है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में चना-गुड़ की जगह जल्द ही तिल और बेसन के लड्डू मिलेंगे, जबकि दलिया खिचड़ी की जगह रोटी-सब्जी व दाल दी जाएगी।

राजस्थान महिला-बाल विकास विभाग के सचिव के.के. पाठक मंगलवार को पोषण अभियान के एक कार्यक्रम में भाग लेने नई दिल्ली आए थे। इस दौरान उन्होंने ‘पत्रिका’ को बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों से मिलने वाले पोषाहार के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार कम हो रहा है। इसकी खास वजह हर दिन एक ही तरह के खाद्य वस्तु देना है। इसके चलते पोषाहार मेन्यू में बदलाव करने जा रहे हैं। हम कुछ ऐसा करने जा रहे हैं कि महिलाएं और बच्चे आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मिलने वाले पोषाहार को खाए तो सही। इसके लिए घर लेे जाने वाली सामग्री में साबूत अनाज और दाल रखने की कोशिश की जा रही है। जबकि नाश्ते में अंकुरित दाले-फल और गर्म खाने में रोटी-सब्जी व दाल दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि अत्यंत गंभीर व खतरनाक स्तर के कुपोषण का शिकार बच्चों के लिए समुदाय आधारित प्रबंधन का मॉडल महत्वपूर्ण है। राजस्थान में चिकित्सा विभाग ने इसे अच्छे तरीके से चलाया है। इसके चलते कुपोषण में कुछ कमी आई है।

सरकार पर नहीं पड़ेगा भार
पाठक ने बताया कि राज्य में पोषाहार का बजट करीब 800 करोड़ रुपए हैं। नई योजना बनाने में कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आएगा। यदि दूध को शामिल करेंगे तो उसका खर्च का भार सरकार पर आ सकता है। इसके लिए महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ( Mamta Bhupesh ) ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) के सामने इस योजना का प्रजेन्टेशन होने के बाद यह योजना अगले तीन-चार महीने में लागू कर दी जाएगी।

ऐसा होगा पोषाहार मेन्यू

1. नाश्ता: अंकुरित चीजें, दूध और केले

2. गर्म खाने: हर दिन दलिया खिचड़ी की जगह रोटी-सब्जी, रोटी कढ़ी, दलिया-खिचड़ी

3. टेक होम राशन: पंजेरी की जगह साबूत अनाज, दलिया, तीन तरह की दाल, बेसन के लड्डू, सर्दी में तिल के लड्डू और मूंगफली-गुड़ की चक्की

फैक्ट फाइल
सलाना बजट-800 करोड़ रुपए
लाभांवित महिलाएं और बच्चे-40 लाख

राजस्थान में कुपोषण की हालत
-अभी भी 39 फीसदी बच्चे कुपोषित
-10-15 फीसदी अतिकुपोषित

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