जीवाणु जैसे सेक्सुअल दरिंदे का समाज में घूमना घातक

गुलाबी नगर ( Pinkcity ) को बाल दुष्कर्मों ( Rape Cases ) से दागदार करने वाले जीवाणु उर्फ सिकंदर खान के खिलाफ अदालत में पेश चार्जशीट ( Chargesheet filed ) में पुलिस ने उसे सेक्सुअल प्रिडेटर ( Sexual Predator) यानी सेक्सुअल दरिंदा बताते हुए उसे समाज में विचरण के लायक नहीं बताया। पुलिस ने जीवाणु को आदतन बलात्कार ( HabituallyRapist ) आरोपी बताते हुए उस पर फांसी की सजा की धारा भी लगाई है।

By: rajendra sharma

Updated: 25 Jul 2019, 08:30 PM IST

जयपुर शहर ( Jaipur city ) की पुलिस ने शास्त्रीनगर ( shastrinagar ) में सात वर्ष की बच्ची से दरिंदगी से बलात्कार के आरोपी जीवाणु उर्फ सिकंदर ( jeevanu ) खान के खिलाफ पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ( Pocso Court ) में पेश 400 पेज की चार्जशीट पेश की है। इस आरोप पत्र ( Chargesheet filed ) में पुलिस ने यह भी बताया गया है कि आरोपी जीवाणु पर महज सात साल की मासूम से बलात्कार के बाद उसे जान से मारने की नीयत से बेरहमी से पत्थरों पर पटका भी था। पुलिस ने जीवाणु को आदतन बलात्कार आरोपी बताते हुए उस पर फांसी की सजा की धारा भी लगाई है। पुलिस के अनुसार जीवाणु के खिलाफ एक चार वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में भी चालान पेश करने की तैयारी है, जो शीघ्र पेश कर दिया जाएगा।

जयपुर में 7 साल की मासूम के साथ बलात्कार के मामले ने शहर को आक्रोशित कर दिया था। राजस्थान की राजधानी में इस मामले को लेकर तनाव भी बना रहा। जयपुर पुलिस ने आरोपी जीवाणु के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 376, 323, 341 और 376 एबी के साथ ही पोक्सो एक्ट की धाराओं 3/4 और 5/6 में आरोप पत्र पेश किया है।

पांच मामलों में हो चुकी सजा

चार्जशीट में यौन दरिंदे जीवाणु की कई दरिंदगियों का भी खुलासा है। 26 साल के आरोपी जीवाणु को शास्त्री नगर थाना इलाके के ही पांच मामलों में सजा हो चुकी है, जबकि 16 मामले लंबित हैं। इनमें इस दुर्दांत अपराधी के कई गंभीर मामले भी हैं।

रेयरेस्ट आफ द रेयर केस

आरोप पत्र में अभियोजन पक्ष की ओर से करीब तीन दर्जन गवाहों की सूची पेश की गई है। पोक्सो कोर्ट के जज अरुण अग्रवाल ने आरोप पत्र पर प्रसंज्ञान लेते हुए इस पर बहस के लिए 26 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। पुलिस ने आरोप पत्र में इस केस को रेयरेस्ट आफ द रेयर बताते हुए जीवाण को सेक्सुअल प्रिडेटर ( Sexually Predator ) यानी 'सेक्सुअल दरिंदा' बताया है। पुलिस ने जीवाणु को पीडोफाइल ( Pedophile ) यानी 'बालकामुक' बताते हुए उसकी घिनौनी मानसिकता ( Sadist ) के कारण उसे समाज में विचरण के लायक नहीं मानते हुए फांसी की सजा के योग्य बताया है।

 

 

 

 

rajendra sharma Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned