नब्बे लाख का गबन, पांच साल से जांच, अब मिली चार्जशीट

छह कार्मिकों पर फर्जीवाड़े का आरोप, फर्जी चालान से बना दिए कर चुकता प्रमाण पत्र

By: Amit Pareek

Published: 13 Nov 2020, 08:09 PM IST

जयपुर. परिवहन विभाग में फर्जीवाड़े की जांच किस कछुआ चाल से की जा रही है इसकी बानगी सामने आई है। जगतपुरा आरटीओ में जो फर्जीवाड़ा पांच साल पहले हुआ था उसके आरोपियों को हाल ही चार्जशीट दी गई है। पांच लिपिकों सहित छह कार्मिकों पर आरोप तय किए गए हैं। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इनमें से कई कार्मिक अब भी आरटीओ में कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार जयपुर आरटीओ में लिपिकों का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था। पांच साल पहले जगतपुरा में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद हाल ही परिवहन विभाग ने पांच लिपिकोंं साहित छह कार्मिकों को चार्जशीट सौंपी है। विभाग ने सभी कार्मिकों पर करीब 90 लाख रुपए के गबन के आरोप लगाए हैं। इनमें से सहायक प्रशासनिक अधिकारी नरेन्द्र जावा पर 72 लाख के गबन का मामला सामने आया है। सभी कार्मिकों ने एक ओर जहां बिना चालान के सत्यापन कर चुकता प्रमाण पत्र जारी कर दिए। वहीं दूसरी ओर फर्जी रसीदों के आधार पर प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इससे सरकार को नुकसान पहुंचा।

इन कार्मिकों ने किया गबन
सहायक प्रशासनिक अधिकारी नरेन्द्र जावा, वरिष्ठ लिपिक शमशेर सिंह, कनिष्ठ लिपिक राहतअली, वरिष्ठ लिपिक अनिल कूलवाल पर गबन का आरोप। इसके अलावा दो अन्य कार्मिकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

Amit Pareek Desk
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