पांच रुपए में जांच कराए फिर देखे धरती उगलेगी सोना

पांच रुपए में जांच कराए फिर देखे धरती उगलेगी सोना

Mridula Sharma | Publish: Aug, 12 2018 08:04:38 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

भूमि को 16 प्रकार के तत्वों की होती हैं जरूरत

जयपुर. खेत बोने के बाद किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद करता हैं लेकिन कई बार जब फसल निकलती हैं तब वो उम्मीद के अनुसार उपज ना होने से हताश हो जाता है। ऐसे में उसकी आय के साथ समय की भी बर्बादी हो जाती है। इसका सबसे मुख्य कारण उसे खेत की मिट्टी और उपज क्षमता का अभाव है। प्रदेश में अमूमन किसानों का यहीं हाल है। उन्हें कृषि भूमि एवं लोगों के स्वास्थ्य को लेकर जागरुकता नहीं है। आकड़ों के मुताबिक प्रदेशभर में सिर्फ तीस फीसदी कि सान ही स्वयं फसल की गुणवत्ता, अच्छी पैदावार के लिए समय- समय पर पानी-मिट्टी की जांच कराते हैं, जबकि ये फसल की बुवाई से पूर्व मिट्टी की जांच बेहद जरूरी है। अगर ये समय पर जांच कराएं तो धरती उगलने लगी सोना।

 


सैम्पल से बनती रिपोर्ट
प्रदेश में जगह-जगह प्रयोगशालाएं खुली हुई है। इसके बावजूद भी जागरुकताका अभाव है। सिर्फ पांच रुपए में भूमि का नुकसान पहुंचा रहे है। इन्हें सिर्फ मिट्टी और पानी का सैम्पल ही देना होता है। इसमें सिर्फ 3-10 दिन का समय लगता है।

 

बिना जानकारी खतरनाक
बिना जागरुकता और जांच के रासायनिक एवं किटनाशक के बढ़ते प्रयोग से कृषि भूमि के नुकसान के साथ-साथ जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है।

 

सवा लाख ही कराते जांच
कृषि विभाग जयपुर के अंतगर्त जयपुर, अजमेर, दौसा और टोंक आते है। इसमें 4 लाख 22 हजार कृषक है। जिसमें लगभग सवा लाख किसान ही स्वयं खेत की मिट्टी और पानी की जांच कराते है।

 

20 फीसदी इजाफा
मृदा को 16 प्रकार के तत्वों की आवश्यकता होती है। इसकी जांच में हमें भूमि मेें उपलब्ध तत्व जैसे कि नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटास एवंं अन्य शूक्ष्म तत्वों की जानकारी मिलती है। इसमें किसान को ये पता चलता हैं कि भूमि को कौनसे तत्व की कितनी आवश्यकता है। जांच में रिपोर्ट कार्ड बनाकर किसान को दिया जाता है। जिसकी पालना के बाद वो अच्छे उत्पादन के साथ साथ 20 फीसदी इजाफा कर सकता है।

 

मिट्टी की जांच के फायदे
-मिट्टी के स्तर, विकारों, कमजोरी एवं पौषक तत्वों की के बारे में पता चलता है।- फसल की उपयोगी खाद एवं उसके डालने की मात्रा की जानकारी मिलती है।-मिट्टी के अनुरुप फसल बोई जाने की जानकारी दी जाती हैं, जिससे पैदावार के साथ आय में भी बढोत्तरी हों।
-दूसरी बुवाई में भी अच्छी होती हैं पैदावार।- पौधे की बढ़वार अच्छी होती है। - फल, बीज का स्वाद अच्छा एवं वो चमकदार होगा।

 

पानी की जांच के फायदे

पानी की जांच में पानी के क्षार,लवण के बारें में विस्तृत जानकारी मिलती है।- पानी केअनुरुप फसल बोना और कम मात्रा में अच्छी पैदावार कर सकते है। इस जगह ट्यूबवैलों में पानी का पीएच लेवल ज्यादा आता हैं, ये कई फसलों के लिए नुकसान दायक होता है। ऐसे में फसलों को नष्ट होने से भी बचाया जा सकता है।

 

ये तत्व आवश्यक

मुख्य पोषक तत्व- नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश,गौण पोषक तत्व- कैल्सियम, मैग्निशियम एवं गंधकसूक्ष्म पोषक तत्व- लोहा, जिंक, कापर, मैग्जीन, मालब्डेनम, बोरॉन एवंं क्लोरीन।

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