scriptChemists are increasing the 'dose', forcing them to take more medicin | कैमिस्ट बढ़ा रहे ‘डोज’, ज्यादा दवा लेने को कर रहे मजबूर | Patrika News

कैमिस्ट बढ़ा रहे ‘डोज’, ज्यादा दवा लेने को कर रहे मजबूर

सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार सहित अन्य सामान्य बीमारी होने पर दवा खरीद में कुछ दवा विक्रेता मरीजों को फटका लगा रहे हैं। डॉक्टर ने भले ही मरीज को 2 से 5 दिन की खुराक लेने की सलाह दी हो, लेकिन कुछ विक्रेता मरीजों को दवा का पूरा पत्ता (स्ट्रिप) खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। ऐसे समय कई बार दवा के लिए मरीजों को दस गुना अधिक दाम भी चुकाने पड़ रहे हैं।

जयपुर

Published: June 17, 2022 02:53:07 am

सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार सहित अन्य सामान्य बीमारी होने पर दवा खरीद में कुछ दवा विक्रेता मरीजों को फटका लगा रहे हैं। डॉक्टर ने भले ही मरीज को 2 से 5 दिन की खुराक लेने की सलाह दी हो, लेकिन कुछ विक्रेता मरीजों को दवा का पूरा पत्ता (स्ट्रिप) खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। ऐसे समय कई बार दवा के लिए मरीजों को दस गुना अधिक दाम भी चुकाने पड़ रहे हैं।
दवा पत्ते पर लिखी एक्सपायरी दिनांक और निर्माता की जानकारी सहित बैच नंबर कटने और इसके बाद दूसरे मरीजों की ओर से इसकी खरीद नहीं करने का तर्क देकर दवा विक्रेता ऐसा कर रहे हैं। निजी दवा दुकानों पर ऐसे विवाद सामने आने पर राजस्थान पत्रिका ने औषधि नियंत्रण संगठन के अधिकारियों सहित दवा कारोबारियों से इसका सच जाना।
संगठन के मुताबिक विक्रेता को उतने ही दिन की दवा देनी होगी, जितने दिन की डॉक्टर ने लिखी है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि वह मरीजों और परिजनों पर पूरा पत्ता खरीदने का दबाव बनाए।

Chemist shop
Chemist shop

दर्ज करवाएं जानकारी

मरीजों को बिना एक्सपायरी लिखी टेबलेट खरीदने में भी संकोच नहीं करना चाहिए। वह यह जानकारी दवा के बिल पर दर्ज करवा विक्रेता से दवा खरीद सकते हैं।

नियम तो ये हैं

दवा विक्रेता मरीज को पूरा पत्ता खरीदने का दबाव नहीं बना सकते। फिर भी कोई दवा विक्रेता दबाव बनाता है तो वह उस क्षेत्र के औषधि नियंत्रण अधिकारी को शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। अजय फाटक, औषधि नियंत्रक

ऐसी टेबलेट सबसे अंत में बेचें

औषधि नियंत्रण संगठन के अनुसार यह दवा विक्रेता की जिम्मेदारी है कि वह दवा के पत्ते पर एक्सपायरी लिखी टेबलेट को सबसे आखिर में बेचे। इसीलिए पत्ते पर यह जानकारी सबसे अंत में दो या चार टेबलेट पर लिखी जाती है।

सामान्य बीमारी में परेशानी

इस तरह की समस्या सामान्य बीमारियां होने पर ही सामने आ रही है। बीपी, डायबिटीज जैसी दीर्घकालिक बीमारियों के अलावा किडनी, लिवर, कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों की दवा लिखी ही अधिक दिनों की जाती है। ऐसे में इनकी खरीद में समस्या कम ही आती है।

बिना एक्सपायरी देखे नहीं खरीदते मरीज

दवा विक्रेताओं के अनुसार परेशानी तब आती है जब मरीज एक्सपायरी दिनांक व बैच नंबर नहीं देखकर दवा खरीदने से इनकार कर देता है। ऐसे में विक्रेता को फटका लगता है। हालांकि सरकारी अस्पतालों के नि:शुल्क दवा वितरण केन्द्रों पर यह समस्या सामने नहीं आ रही।

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Anand Mani Tripathi

आनंद मणि त्रिपाठी (@aanandmani) राजनीति, अपराध, विदेश, रक्षा एवं सामरिक मामलों के पत्रकार हैं। पत्रकारिता के तीनों माध्यम प्रिंट, टीवी और आनलाइन में गहरा और अपनी तेज तर्रार रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के कानपुर और बस्ती में हुई। माध्यमिक शिक्षा नवोदय विद्यालय बस्ती, फैजाबाद और पूर्वोत्तर त्रिपुरा के धलाई जिले में हुई। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय से स्नातक और 2009 में जेआईआईएमसी,दिल्ली से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया। हरियाणा से पत्रकारिता आरंभ की। शिक्षा, विज्ञान, मौसम, रेलवे, प्रशासन, कृषि विभाग और मंत्रालय की रिपोर्टिंग की। इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग से शिक्षा और रेलवे विभाग के कई भ्रष्टाचार का खुलासा किया। रक्षा मंत्रालय के रक्षा संवाददाता पाठयक्रम-2016 पूरा किया। इसके बाद रक्षा मामलों की पत्रकारिता शुरू कर दी। चीन, पाकिस्तान और कश्मीर मामलों पर तीक्ष्ण नजर रहती है। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्या 2017, राइफलमैन औरंगजेब की हत्या 2018, जम्मू—कश्मीर में बदले 2018 में बदले राजनीतिक समीकरण, पुलवामा हमला 2019, कश्मीर से 370 का हटना, गलवान घाटी मुठभेड़ 2020 को बेहद करीब से जम्मू और कश्मीर में रहकर ही कवर किया। कोरोना काल 2020 में भी लददाख से नेपाल तक की यात्रा चीन के बदलते समीकरण को लेकर की। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव 2019 में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की रिपोर्टिंग की। 9 नवंबर 2019 को श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या मामले में आए फैसले की अयोध्या से कवर किया। 2022 उत्तरप्रदेश् चुनाव को सहारनपुर से सोनभद्र तक मोटर साइकिल के माध्यम से कवर किया। पत्रकारिता से इतर आनंद मणि त्रिपाठी को संगीत और पर्यटन का जबरदस्त शौक है। इन्हें किसी भी कार्य में असंभव शब्द न प्रयोग करने के लिए जाना जाता है...

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