मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थानी में 50 देशों के प्रवासियों से कही ये बात

मुुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Chief Minister Ashok Gehlot ) ने कहा है कि राज्य सरकार ( Rajasthan state Government ) का संकल्प और प्रयास है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों ( Overseas Rajasthani ) का अपनी माटी के साथ जुड़ाव बना रहे।

By: Ashish

Published: 09 May 2020, 11:11 PM IST

जयपुर

Overseas Rajasthani : मुुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Chief Minister Ashok Gehlot ) ने कहा है कि राज्य सरकार ( Rajasthan state Government ) का संकल्प और प्रयास है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों ( Overseas Rajasthani ) का अपनी माटी के साथ जुड़ाव बना रहे। इस उद्देश्य के लिए 20 वर्ष पहले राजस्थान फाउण्डेशन ( Rajasthan Foundation ) का गठन किया गया था और सरकार इसके माध्यम से प्रवासियों के साथ बॉन्डिंग को मजबूत बना रही है। कॉफ्रेंस के आखिर में मुख्यमंत्री ने सभी प्रवासी बंधुओं का राजस्थानी भाषा में धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राजस्थान विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भिजवाया जा चुका है।

गहलोत ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों के साथ संवाद के दौरान कहा कि विदेश में रहने वालों का अपने प्रांत के साथ अपनापन बढ़ाने में राजस्थानी भाषा का बड़ा योगदान है। राज्य सरकार राजस्थानी भाषा के विकास और उसको मान्यता दिलाने के लिए कृत-संकल्प है। उन्होंने कहा कि कोरोना सक्रमंण ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। मानवता पर इस संकट के दौरान विदेशों में रहने वाले राजस्थानियों ने अपने प्रदेश और देश के लोगों की भरपूर मदद की है। वे सब साधुवाद के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने प्रवासियों को विश्वास दिलाया कि राजस्थान में रहने वाले उनके परिजनों को महामारी में किसी तरह की परेशानी होती है तो वे राज्य सरकार को जिस भी स्तर पर सूचित करेंगे, उनकी तुरंत मदद की जाएगी।

राजस्थान में स्थिति नियंत्रण में
गहलोत ने बताया कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए भारत में अन्य देशों के मुकाबले तुलनात्मक रूप से बेहतर काम हुआ है। देश के अन्य राज्यों के मुकाबले राजस्थान में समय रहते कई उपाय किए गए, जिसके चलते यहां संक्रमण की दर कम तथा रिकवरी प्रतिशत अधिक है।

50 से अधिक देशों से प्रवासियों ने किया संवाद
दुनिया के 50 देशों में 90 से अधिक जगहों पर रह रहे प्रवासी राजस्थानियों ने वीसी के जरिए सवांद किया। उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए फंसे हुए गरीब मजदूरों की आर्थिक मदद करने, उनको विदेशों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित करने, प्रदेश में शिक्षा और गांवों के विकास में सहयोग जैसे प्रस्ताव भी दिए।

अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए दिए सुझाव

कॉफ्रेंस के दौरान कई प्रवासी उद्यमियों ने कोरोना संकट और लॉकडाउन के बाद प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। युवाओं के लिए कौशल विकास, राजस्थानी संस्कृति और खान-पान की विदेशों में ब्रान्डिंग एवं पैकेजिंग, नये उद्यमियों को तकनीकी दक्षता उपलब्ध कराने में मदद के प्रस्ताव दिए।साथ ही, विभिन्न देशों में गठित प्रवासी राजस्थानियों के संगठनों एवं औद्योगिक फोरम इत्यादि के माध्यम से मुख्यमंत्री, मंत्रियों और राज्य सरकार के अन्य प्रतिनिधियों को अपने यहां आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि विश्व के बदले हुए आर्थिक हालात में विभिन्न देशों के निवेशकों के साथ बैठक कर राजस्थान में निवेश के लिए प्रस्ताव दिये जा सकते हैं।
सुझावों पर होगा सकारात्मक विचार
उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने प्रवासियों की ओर से दिए गए सुझावों पर राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक सोच के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कोरोना से निपटने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी। राजस्थान फाउण्डेेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस का संचालन किया। इस दौरान मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग सुबोध अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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