गांवों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने कही ये जरूरी बात

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Chief Minister Ashok Gehlot ) ने कहा कि देश के अन्य राज्यों से लाखों की तादाद में लोग राजस्थान लौट रहे हैं, ऐसे में गांवों को कोरोना के संक्रमण ( corona Infection ) से बचाने के लिए क्वारेंटीन ( Quarantine )हमारा टॉप एजेंडा है। इसमें जिला प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों खासकर विधायकों की बड़ी भूमिका रहेगी।

By: Ashish

Published: 12 May 2020, 10:26 PM IST

जयपुर

Rajasthan Government : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Chief Minister Ashok Gehlot ) ने कहा कि देश के अन्य राज्यों से लाखों की तादाद में लोग राजस्थान लौट रहे हैं, ऐसे में गांवों को कोरोना के संक्रमण ( corona Infection ) से बचाने के लिए क्वारेंटीन ( Quarantine ) हमारा टॉप एजेंडा है। इसमें जिला प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों खासकर विधायकों की बड़ी भूमिका रहेगी। वे इसे चुनौती के रूप में लें और हमारे प्रदेश को सुरक्षित रखने का दायित्व निभाएं।

गहलोत ने सभी पार्टियों के जनप्रतिनिधियों से संवाद की कड़ी में मंगलवार को जयपुर और अजमेर संभाग के सांसदों एवं विधायकोें से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। बाकी संभागों के जनप्रतिनिधियों के साथ उन्होंने सोमवार को चर्चा की। इस तरह दो दिनों में करीब 21 घंटे तक मंथन किया गया। इस दौरान लगभग सभी जनप्रतिनिधियों ने अतिरिक्त गेहूं के आवंटन, पेयजल समस्याओं, सभी प्रकार की दुकानों को खुलवाने, मजदूरों के शीघ्र और सुगम आवागमन, मनरेगा की तर्ज पर शहरी क्षेत्र में रोजगार योजना शुरू करने जैसे सुझाव प्रमुख रूप से दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारेंटीन के लिए कलेक्टरों के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों, उपखंड अधिकारियों एवं बीएलओ को विशेष जिम्मेदारी दी गई है ताकि ग्राम स्तर तक बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सकें। क्वारेंटीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए कलेक्टरों को अनटाइड फण्ड में और राशि दी जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया, समेत दोनों संभागों के सांसद-विधायक वीसी से इस चर्चा में शामिल हुए। मंत्रीगण ने जिलों के प्रभारी और अपने क्षेत्र के विधायक के रूप में फीडबैक और सुझाव दिए।


नहीं किया किसी से कोई भेदभाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण किसी जाति, धर्म अथवा दलगत राजनीति के दायरे को नहीं देखता। सभी को साथ में लेकर इस वायरस को हराने में हम जरूर कामयाब होंगे। सरकार ने कोविड-19 से मुकाबले में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया है। दूसरे राज्य भी हमारा अनुसरण कर रहे हैं। राशन वितरण, मरीजों के इलाज, कर्फ्यू में सख्ती एवं क्वारंटाइन सहित सभी सुविधाओं में किसी तरह का भेदभाव प्रदेश में नहीं किया जा रहा है।


पीएम के समक्ष अतिरिक्त गेहूं की रखें मांग
गहलोत ने वीसी में कहा कि प्रदेश में लगभग एक करोड़ ऐसे लोग संभावित हैं जिनके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत केन्द्र से गेहूं का आवंटन नहीं हो रहा है। इसमें 54 लाख लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में जुड़े हुए हैं, लेकिन केन्द्र से 2011 की जनसंख्या के आधार पर 4 करोड़ 46 लाख लोगों के लिए ही गेहूं मिल रहा है। इसके अलावा करीब 46 लाख लोग ऐसे हैं जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में या तो जुड़ने से छूट गए या जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। ऐसे लोग चाहे एपीएल हों या बीपीएल, वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए उन्हें भी गेहूं मिले। मुख्यमंत्री ने कहा, सभी वंचितों को लाभ मिल सके, इसके लिए केन्द्र को खाद्य सुरक्षा योजना में प्रतिमाह एक लाख मैट्रिक टन गेहूं अतिरिक्त आवंटित करना चाहिए। प्रदेश के सभी सांसद प्रधानमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं।

प्रतिपक्ष को साथ लेकर चलना सराहनीय
सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द सरस्वती ने कहा कि कोरोना संकट में राज्य के सभी सांसद सरकार के साथ खड़े हैं और वे इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र की मदद के बिना राज्यों के लिए इस संकट से उभर पाना संभव नहीं है। प्रदेश के सांसदों को केंद्र सरकार पर अधिक से अधिक मदद के लिए दबाव बनाना चाहिए। दौसा सांसद सकौर मीणा ने कहा कि प्रतिपक्ष को भी इस लड़ाई में भागीदार बनने का मौका दिया है। मुख्यमंत्री फोन अथवा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वे लगातार प्रतिपक्ष के जनप्रतिनिधियों से सुझाव ले रहे हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रतिपक्ष को साथ लेकर चलने की उनकी यह पहल सराहनीय है।


इन जनप्रतिनिधियों ने रखी अपनी बात
वीसी में महवा विधायक ओमप्रकाश हुडला, भीलवाड़ा सांसद सुभाष बहेडिया, खेतड़ी विधायक डॉ. जितेन्द्र सिंह, देवली-उनियारा विधायक हरीश मीणा, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, सांसद दीयाकुमारी, जयपुर ग्रामीण सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सांसद भागीरथ चौधरी, रामचरण बोहरा, सुखबीर जौनपुरिया, महंत बालकनाथ एवं विधायक सतीश पूनिया, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने अपनी बात रखी। इस दौरान मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा रोहित कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग सुबोध अग्रवाल, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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