पैसा केन्द्र का और वाहवाही खुद लेना चाहते हैं मुख्यमंत्री

विधानसभा में पाली से विधायक ज्ञानचंद पारख ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जादूगरी को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री की जादूगरी देख ली, पैसा केन्द्र का और वाहवाही खुद लेना चाहते हैं।

By: Ashish

Published: 25 Feb 2021, 06:23 PM IST


जयपुर
विधानसभा में पाली से विधायक ज्ञानचंद पारख ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जादूगरी को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री की जादूगरी देख ली, पैसा केन्द्र का और वाहवाही खुद लेना चाहते हैं। योजनाएं हमारी पूर्व सरकार की लेकिन उसकी भी वाहवाही लेना चाहते हैं। सड़क पर जिसने संघर्ष किया उसे भी सड़क पर ला दिया।बजट में यह साफ होना चाहिए कि कितना पैसा राज्य का है और कितना केन्द्र का है। पारख ने कहा कि बजट में जोधपुर में पाक स्थापितों के लिए 102 करोड़ का प्रावधान आवासों के लिए किया है, सीएए के दायरे में आने वाले राज्य के जितने भी परिवार हैं, उनको नागरिकता देकर रोजगार की व्यवस्था की भी जाए।

पारख ने कहा कि राज्य की आर्थिक बदहाली में बजट घोषणाएं पूरी कैसे होंगी, यह प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, पैसा कहां से आएगा, यह शंका अभी दूर नहीं हुई है। मुख्यमंत्री इस शंका को दूर करें। रिप्स को लेकर पारख ने कहा कि आॅनलाइन आवेदन के समय एसएसओ में 2019 है ही नहीं, मुख्यमंत्री का हसंता हुआ चेहरा लगा दिया, फोटो तो बदल दिया लेकिन 2014 ही लिखा हुआ है, 2014 में वसुंधरा मुख्यमंत्री थीं। इसे ठीक करवाएं।
कन्यादान योजना पर रखी बात
उन्होंने 2019 में पेश किए गए बजट को लेकर कहा कि बीपीएल परिवार की बेटियों के विवाह में आर्थिक संबंल के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की घोषणा की थी, 21 हजार की सहायता हथलेवा के रूप में देने की घोषणा, लेकिन सरकार ने गरीब की बेटी के साथ मजाक ही किया। बजट एक कमिटमेंट होता है, इसकी एक गरिमा होती है, लेकिन सरकार ने समझा नहीं। गरीब, जरूरतमंदों के लिए सामाजिक कल्याण की योजनाओं में 12 फीसदी की कटौती कर दी है।
शराब का सहारा मत लेना
पारख ने कहा कि राज्य को आर्थिक रूप से सुदृढं करना है तो शराब का सहारा मत लेना। उन्होंने कहा कि गली मोहल्लों में शराब की दुकानें खोल खोल कर राजस्थान को महखाना बनाने का प्लान सफल नहीं होने देंगे।

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