बच्चों की आंखो में काजल नहीं लगाएं

बच्चों की आंखों में काजल डालने से बचना चाहिए। बेक्टीरिया आंख में जाकर संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

बच्चों के काजल लगाने से बचना चाहिए। अंगुली से काजल लगाने पर अंगुली या नाख़ून में मौजूद बेक्टीरिया आंख में जाकर संक्रमण पैदा कर सकते हैं। आंख में नाख़ून से चोट लगने की भी आशंका होती है। शिशु अपने हाथों से आंख मसल कर खुद को नुकसान पहुंचा सकता है। नहाते समय काजल बहकर आंख के अंदर जाकर संक्रमण पैदा कर सकता है। काजल के इस्तेमाल से नवजात शिशु की आंखों से लगातार पानी आने की शिकायत हो सकती है।
आखों में खुजलाहट के साथ-साथ एलर्जी भी हो सकती है। शिशु की आंखो में काजल लगाने पर उसकी आखों के किनारे यदि ठीक से न साफ किए जाएं तो यह उन किनारों पर जमा हो जाता है जिससे संक्रमण होने का खतरा रहता है। बाजार में मिलने वाले ज्यादातर काजल में सीसे की बहुत ज्यादा मात्रा होती है, जो आपके शिशु के लिए खतरनाक हो सकती है क्योंकि लम्बे समय तक इसके इस्तेमाल से सीसा शिशु के शरीर में जाने लगता है जिससे शिशु की दिमाग, शारीकि अंग और अस्थि मज्जा (बोन मैरो) की बढ़त पर बुरा असर पड़ता है।

हमारी आखों के बीच का हिस्सा (पुतली या कॉर्निया) नाजुक होता है इसलिए आखों में धूल-मिट्टी और गंदगी जाने से यह चीजें बड़ी जल्दी आखों पर असर करती हैं और यह शिशु की आंखों की रोशनी को भी प्रभावित कर सकता है। मैली उंगुलियां या किसी और चीज से काजल लगाने से शिशु की आंखों को चोट लग सकती है जिसका असर उम्रभर रह सकता है।

Chand Sheikh Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned