सीएम राजे ने प्रदेशवासियों को दी Akshaya Tritiya की बधाई, लाेगाें से की ये अपील

santosh trivedi

Publish: Apr, 17 2018 03:10:43 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2018 03:14:52 PM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
सीएम राजे ने प्रदेशवासियों को दी Akshaya Tritiya की बधाई, लाेगाें से की ये अपील

राजे ने अक्षय तृतीया की पूर्व संघ्या पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अक्षय तृतीया के दिन मांगलिक कार्य करने का विशेष महत्व है।

जयपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई बताते हुए प्रदेशवासियों से इसके उन्मूलन में सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। राजे ने अक्षय तृतीया की पूर्व संघ्या पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अक्षय तृतीया के दिन मांगलिक कार्य करने का विशेष महत्व है, लेकिन अज्ञानता के चलते कुछ लोग इस दिन बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक ऐसी कुरीति है जिसका बच्चों के मानसिक आैर शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों सहित सभी प्रदेशवासियों का अपाल की है कि वे बाल विवाह को रोकने तथा इसके दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता फैलाने के सरकार के प्रयासों में सहभागिता निभाएं।

बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन ने कसी कमर
अक्षय तृतीया के अबूझ सावे को देखते हुए बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रदेश में अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा के अबूझ सावे पर बाल विवाह रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 तथा 30 अप्रेल को अबूझ सावे में बाल विवाह रोकने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को पाबंद किया है। बाल विवाह रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया। जहां बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है। सूचना पर संबंधित पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार, विकास अधिकारी और संबंधित थानाधिकारी त्वरित कार्रवाई करेंगे।

एक लाख का जुर्माना और दो साल की सजा
बाल विवाह प्रतिनिषेध अधिनियम-2007 के अनुसार बाल विवाह कराने वाले माता-पिता सहित अन्य लोगों पर कार्रवाई कर दो वर्ष की सजा एवं एक लाख का जुर्माने का प्रावधान है। वही बाल विवाह कराने वालो की सूचना पुलिस, बाल विवाह निषेध अधिकारी, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्टेट और जिला मजिस्टेट को दे सकते हैं। अक्षय तृतीया के अबूझ सावे को देखते हुए बाल विवाह रोकने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की बाल विवाह पर तीखी नजर रहेगी। अगर कोई बाल विवाह करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रियवृत सिंह चारण, उपखंड अधिकारी, चौमूं

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