यातायात नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां

बीच सड़क रुकती बसें बन रही परेशानी का कारण, स्थानीय व्यापारी और वाहन चालक इस मनमानी से दु:खी

By: Vikas Jain

Published: 04 Jan 2018, 03:23 PM IST

गांधीनगर मोड़। टोंक रोड के व्यस्ततम गांधी नगर मोड़ पर बस संचालक मनमाने रवैये से यातायात को बाधित करते हैं। नेहरू बालोउद्यान के बाहर निर्धारित बस स्टॉप पर यह बसें नहीं रुकती, बल्कि मुख्य सड़क पर रुकती है। स्थानीय व्यापारी और वाहन चालक बस चालकों की इस मनमानी से परेशान है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती है। स्थिति और विकट हो जाती है जब यह बसें बीच सड़क पर सिलसिलेवार एक के बाद एक रुक जाती है और पीछे का पूरा यातायात बाधित हो जाता है।

 

राजस्थान यूनिवर्सिटी , कनोडिय़ा कॉलेज, राजस्थान कॉलेज सहित कई बड़े निजी कोचिंग एवं शिक्षण संस्थान के स्टूडेन्ट्स की भारी भीड़ नेहरु बालो उद्यान के बस स्टॉप के पास दिनभर यातायात साधनों के लिए आती रहती है। इसके अलावा आसपास सरकारी कार्यालयों और नेहरु बालोउद्यान मेंं घूमने आने वाले पर्यटक भी यहीं से बस पकड़कर अपने गंतव्य स्थल पर पहुंचते हैं। इन सवारियों को लेने की आपाधापी में बस संचालक बीच सड़क बसों को खड़ाकर यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।

सवारियों को लेने की होड़ में ना केवल निजी बस चालक बल्कि सरकारी सिटी बस के चालक भी शामिल हैं। 100 फ ीट की लंबी-चौड़ी सड़क होने के बावजूद इन बसों के कारण सुबह-शाम यातायात बाधित होने लगता है। कई बार ऐसा हुआ है कि अचानक बस रुकने से पीछे चलने वाले वाहन चालक इन बसों से जा टकराए और विवाद की स्थिति बन गई।


बस चालकों की मनमानी से स्थानीय व्यापारी भी खासे नाराज हैं क्योंकि कई बार इस बस स्टॉप के पास स्थित दुकानदार खुद हादसे का शिकार होते होते बचे हैं। ऐसा भी कई बार हुआ है कि खरीददारी करने आए खरीददारों को इन बसों के कारण वाहन निकालने में खासी परेशानी हुई और वह दुकानदारों को उलाहना देते नजर आए। स्थिति उस समय और विकट हो जाती है जब लंबी-लंबी लो-फ्लोर बसें एक के बाद एक श्रृंखलाबद्ध होकर सड़क के बीचों बीच खड़ी हो जाती है। ऐसे समय में वाहन चालकों के लिए सड़क से निकलना ना केवल मुश्किल हो जाता है बल्कि उन्हें जान का जोखिम भी रहता है। कई बार यात्रियों की संख्या इतनी अधिक होती है कि बीच रोड तक वह दौड़ते हुए बसों में सवार होने की कोशिश करते हैं और वाहन चालकों से टकरा जाते हैं।

 

इनका कहना है

गांधीनगर मोड़ पर यातायात पुलिस की गुमटी है जहां पुलिसकर्मी हमेशा तैनात रहते हैं लेकिन उनका अधिकांश ध्यान चौराहे से गुजरने वाले वीआईपी वाहन और लाल बत्ती क्रॉस करने वाले वाहन चालकों पर ही केंद्रित रहता है। सरकारी बसों पर भी उनकी कार्यवाही शिथिलता भरी नजर आती है।
- याकूब गौरी, स्थानीय व्यापारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता

सुबह-शाम यात्रियों के भार और नियम तोड़ती बसों के कारण अपनी दुकान पर भी आना जाना मुश्किल हो जाता है। शॉपिंग करने आए लोग भी वाहन फं स जाने और निकलने में समय अधिक लगने के कारण अपने को असहज महसूस करते हैं। ना केवल बस चालक बल्कि यात्री भी नियमों की परवाह नहीं करके दुर्घटना को न्यौता दे रहे हैं।
- सतीश भार्गव, व्यवसायी

Vikas Jain Reporting
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