.शहर की रफ्तार थमने के साथ अब दिन की शुरुआत कर रहे ईदर्शन से


—भक्तों में दिखने लगी एकजुटता, वेबसाइट पर कई मंत्रोच्चार भी आ रहे नजर

By: Harshit Jain

Published: 22 Mar 2020, 04:06 PM IST


जयपुर.
हमेशा घंटे घडियालों की आवाज, भक्तों की आवाजाही और जयकारों की गूंज बिल्कुल थम सी गई। बीते सप्ताह तक जहां छोटीकाशी के मंदिरों में हजारों की तादाद में लोग अपने आराध्य के दर्शनों के लिए पहुंचते थे। अब यह सब ईदर्शन के जरिए मन में विश्वास रखकर घरों से पूजन पाठ करने में खुद को व्यस्त दिखे। रविवार को कोरोना वायरस की कड़ी को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनता कफर्यू के आहवान पर सड़कें, बाजार से लेकर मॉल और धार्मिक स्थल सुनसान दिखाई दिए। हालांकि कुछ लोग आस्था के साथ प्रथम पूज्य के मंदिर मोतीडूंगरी में बस बंद गेट से हाथ जोड़कर बस सबकुछ बेहतर होने की प्रार्थना करने तो पहुंचे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने कहा कि घर से बैठकर पूजा करना सही है। दिनभर जहां कई मंदिरों के कपाट खुलते थे। अब वह भी चार दिन से बंद हैं। हालांकि कहीं आने जाने के साथ दिनचर्या पर काफी असर पड़ रहा है लेकिन आमजन धीरे—धीरे इसमें ढ़लने लग गए हैं। कई मंदिरों के संत महंतो ने फेसबुक और वेबसाइट बनाना शुरू कर दिया है।

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ईदर्शन कर करें दिन की शुरुआत


शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के संत महंतों ने आमजन को कुछ दिन घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की। इसके साथ ही मंदिरों की वेबसाइट के जरिए इदर्शन करने का आहवान किया। मोतीडूंगरी मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि झांकियों, आरती के साथ—साथ पल पल की अपडेट वेबसाइट पर भक्तों को मुहैया करवाई जा रही है। गोविंद देव जी मंदिर के प्रबंधक मानस गोस्वामी ने बताया कि भक्तों को मंदिर नहीं आने की अपील की है। हर रविवार को पांच से सात हजार लोग मंदिर पहुंचते थे। लेकिन अब सुरक्षा के चलते दर्शन नहीं कर पा रहे। ऐसे में फेसबुक, वाटसएप से लेकर वेबसाइट पर आरती, दर्शन, कीर्तन सहित अन्य पर्व त्यौहार की जानकारी मुहैया करवाई जा रही है। लोग धीरे—धीरे इससे जुड़ रहे हैं। चिंताहरण काले हनुमान जी मंदिर के महंत मनोहरदास ने बताया कि फेसबुक पर पेज बनाकर दर्शन की व्यवस्था शुरू की है। गलता तीर्थ के महंत स्वामी सुदर्शनाचार्य ने भक्तों से आनलाइन दर्शन करने की अपील की है।

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इन मंदिरों की वेेबसाइट पर बढ़ रहे फॉलोअर्स


अक्षरधाम, अक्षयपात्र, इस्कॉन, गलता जी, खोले के हनुमान जी गोविंद देव जी मंदिर, खाटूश्यामजी, गोविंद देव जी मोतीडूंगरी गणेश मंदिर सहित अन्य मंदिरों के फेसबुक पर पेज बनाए गए हैं। बीते दो दिनों में रोजाना 20000 से ज्यादा फॉलोअर्स फेसबुक पेज पर बढ़े हैं। वहीं सभी मंदिरों की वेबसाइट पर दान, दर्शन, कीर्तन, मंदिर इतिहास की सुविधा भी उपलब्ध है। वेबसाइट पर कई मंत्रोच्चार भी नजर आ रहे हैं।

जैन समाज के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से शुमार पदमपुरा, चूलगिरी, संघीजी मंदिर में छुटटी का दिन के कारण दो हजार से अधिक दर्शनार्थी यहां पहुंचते थे। लेकिन अब मोबाइल पर भी पूजन आदि पढ़कर कामकाज कर रहे हैं।

अमरापुरा संस्थान —सिंधी समुदाय के बड़े धार्मिक संस्थानों में से एक अमरापुर दरबार में सत्संग सहित अन्य कार्यक्रम होते थे। हर रविवार को तीन हजार पंजाबी, राजपूत सहित अन्य समुदाय के लोग यहां जुटते थे। लेकिन अब नहीं आ रहे हैं। आगामी दिनों में यहां चलने वाले अन्नक्षेत्र का खाना जगह—जगह जाकर वितरित किया जाएगा। ताकि जरूरतमंदों को खाने में परेशानी न हो।

राजापार्क गुरुद्धारे में हर रविवार को विशेष कीर्तन दीवान फिलहाल सजाया नहीं जा रहा है। नितनेम का समय कम किया है। फिलहाल संगत नहीं आ रही है। राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष अजयपाल सिंह ने बताया कि वेबसाइट भी तैयार करवाई जा रही है ताकि कीर्तन की सुविधा संगत को मिल सके। हर रविवार को 500 से ज्यादा लोग यहां पहुंचते थे। ि

चांदपोल स्थित सेंट एंड्रूयज चर्च में हर रविवार को विशेष प्रार्थना होती थी लेकिन मसीही समाजबंधुओं की ओर से घर पर रहकर आराधना की जा रही है। सचिव संजय रिचर्ड ने बताया कि प्रार्थना को फेसबुक भी शेयर किया जा रहा है।


वीडियो कॉलिंग से हनुमान चालीसा पाठ
हर रविवार को खोले के हनुमान जी मंदिर परिसर में किए जाने वाले हनुमान चालीसा के पाठ जनता कर्फ्यू के चलते अपने घर पर ही मंदिर से वीडियो कॉलिंग द्वारा संपन्न किए। भजन गायक अवध बिहारी माथुर ने बताया कि भजन मंडली द्वारा प्रत्येक रविवार को हनुमानजी के सामने मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा के 11 पाठों की प्रस्तुति की जाती है रविवार को जनता कर्फ्यू के चलते मंदिर प्रबंधन ने उनके घर पर ही वीडियो कॉलिंग की व्यवस्था कराई।

Harshit Jain
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