Civil Defence Jaipur : सरकारी वाहन का इंतजार नहीं, बाइक है ना

— कोरोना संक्रमण से लड़ने में सिविल डिफेंस का जज्बा

By: surendra kumar samariya

Updated: 11 Apr 2020, 09:56 PM IST

सुरेंद्र बगवाड़ा, जयपुर

जिला प्रशासन का इशारा मिलते ही आपदा से निपटने के लिए दौड़ने वाले सिविल डिफेंस ( Civil Defence ) के वॉलिंटियर्स का हौसला देखते ही बनता है। आपदा में हमेशा प्रशासनिक अधिकारियों से आगे खड़े होने वॉलिंटियर्स कोरोना संक्रमण ( Corona virus ) को हराने के लिए मैदान में डटे हुए है। इनके जज्बे को प्रशासन भी सैल्यूट कर रहा है। इन्हीं में से है मुस्तुफा कलाम खां और घनश्याम मीणा। जानकारी के अनुसार जहां से भी मदद के लिए कॉल आता है। ये दोनों बिना सरकारी वाहन का इंतजार किए, अपनी बाइक से भी निकल पड़ते है। ये दोनों अभी उन घरों को सैनिटाइज कर रहे है, जहां से कोरोना पॉजिटिव को लेकर मेडिकल टीम अस्पताल चली जाती है। ये काम इनके लिए खतरनाक हो सकता है, लेकिन कर्तव्य हौसला बढ़ा रहा है।

टीम का हौसला माउंटेन जैसा
वॉलिंटियर मुस्तुफा ने बताया कि 20 साल से सिविल डिफेंस टीम का हिस्सा हूं। इसी सेवा के लिए वर्ष 2017 में राष्ट्रपति अवार्ड ( rashtrapati award ) मिल चुका है। हमनें बड़ी आपदाएं देखी, लेकिन कोरोना को हराने के लिए हमारी टीम का हौसला माउंटेन जैसा है। अभी बाइक पर हमारे अलावा दो—तीन और भी साथी है, जो हर समय, हर जगह के लिए तत्पर रहते है। सभी वॉलिंटियर्स एक टीम बनकर आगे बढ़ रही है। तंग गलियों में जाकर लोगों को मदद पहुंचा रहे है।

सब्जी बेचने वाले का हौसला
वॉलिंटियर घनश्याम मीणा ने बताया कि वर्ष 2011 से सिविल डिफेंस का हिस्सा हूं। कभी हार नहीं मानी, अब भी नहीं मानेंगे। कभी तालाब में से लोगों की जान बचाई तो बड़ी दुर्घटनाओं से लोगों को बचाया। अब कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रहे है। मूल व्यवसाय सब्जी बेचना है, लेकिन अभी सिर्फ कोरोना को हराना है।

Corona virus
surendra kumar samariya Desk
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