भारत को मोदी से बचाना है: ग​हलोत

जयपुर। कांग्रेस ने आज नई दिल्ली में भारत बचाओ रैली कर मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोला।

Rahul Singh

December, 1403:01 PM

आरएएस से पूछे बगैर न मंत्री बनता है, ना मुख्यमंत्री

जयपुर। कांग्रेस ने आज नई दिल्ली में भारत बचाओ रैली कर मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। रैली को सम्बोधित करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश को मोदी से बचाना है और इसीलिए रैली का नाम भारत बचाओ रैली रखा गया है। ये रैली नहीं रेला है। आज देश में बीजेपी राज नहीं कर रही है बल्कि आरएसएस राज कर रहा है। आरएसएस के प्रचारक नरेन्द्र मोदी राज कर रहे है, आरएसएस को चाहिए कि अगर उसमें हिम्मत है, दमखम है तो अपने आप को राजनीतिक दल घोषित करें। हम मुकाबला करेंगे।

गहलोत ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कहा कि हमारी लड़ाई नीतियों, विचारधारा और कार्यक्रमों की है। कांग्रेस महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल और मौलाना आजाद के जमाने में बनी हुई है। आरएसएस एक्सट्रा कॉन्सटिट्यूशनल अथॉरिटी के रूप में काम नहीं करे। आज आरएसएस को पूछे बगैर देश में ना मंत्री, ना मुख्यमंत्री और ना प्रधानमंत्री बन सकता है। गहलोत ने कहा कि 40 साल पहले इसी मैदान में इसी नाम से रैली हुई थी और उस वक्त यही माहौल और यही जलजला देखने को मिल रहा था।

गहलोत ने कहा कि भारत बचाओ का नाम ये संदेश देता है कि देश किस दिशा में जा रहा है। आज लोकतंत्र की हत्या हो रही है, पूरा देश चिंतित है, भय का माहौल है, गुंडागर्दी का माहौल है, हिंसा का माहौल है, अविश्वास का माहौल है। गहलोत ने कहा कि पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि सामाजिक ताना-बाना नष्ट हो गया है, इसलिए जीडीपी गिर रही है। चुनाव हारना अलग बात है, राहुल गांधी ने मुद्दा आधारित कैंपेन किया था। किसानों,नौजवानों और मजदूरों की बात की थी। देश में काम-धंधे ठप्प हो रहे हैं। ये सभी मुद्दे आज भी जीवित हैं।

गहलोत ने कहा कि चुनाव में हार-जीत कैसे हुई है, सबको मालूम है। जिस प्रकार से राष्ट्रवाद की बात की गई, क्या हम लोग यहां बैठे हुए राष्ट्रवादी नहीं हैं ? हमें भाजपा से सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा क्या। भाजपा ने राष्ट्रवाद की बात की। सेना के पीछे छुपकर राजनीति की गई। पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने तो पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे। 93 हजार सैनिकों को हथियार सरेंडर करवा दिए, पर कभी उसके नाम पर राजनीति नहीं की गई। मोदी सैनिकों के पीछे छिपकर राजनीति करना चाहते हैं। गहलोत ने अपने भाषण का अंत इस कविता से किया, राजा बोला रात है, रानी बोली रात है, मंत्री बोला रात है, संतरी बोला रात है, ये सुबह- सुबह की बात है।

rahul Reporting
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