SP कांफ्रेंस में बोले CM Ashok Gehlot, 'जूनियर से पैसे वसूलते हैं सीनियर अफसर', सुनकर हर कोई रह गया सन्न...

राजस्थान में कानून-व्यवस्था ( Law and Order ) बनाये रखने को लेकर सीएम अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) सख्ती दिखा रहे हैं। बुधवार को बुलाई गई एसपी कांफ्रेंस ( SP Confrence ) में सीएम ने खासतौर से पुलिस महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार खासी नाराजगी जताई है।

By: nakul

Updated: 05 Sep 2019, 10:41 AM IST

जयपुर।

राजस्थान में कानून-व्यवस्था बनाये रखने को लेकर सीएम अशोक गहलोत सख्ती दिखा रहे हैं। बुधवार को बुलाई गई एसपी कांफ्रेंस में सीएम ने खासतौर से पुलिस महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार खासी नाराजगी जताई है।


'पुलिस अपनों से ही ले रही पैसे'

पुलिस डिपार्टमेंट में करप्शन पर चिंता ज़ाहिर करते हुए सीएम गहलोत ने किसी अधिकारी का नाम लिए बिना ये तक कह दिया कि पुलिस अपनों से ही पैसे ले रही है। मातहत से पैसे लोगे तो वह जनता से वसूल करेगा। यह सुनते ही पूरे सभा कक्ष में सन्नाटा छा गया।


इसी तरह एक पूर्व कमिश्नर का नाम लिए बिना कहा कि वे गम्भीर घटनाओं पर भी मौके पर ही नहीं जाते थे। यहां तक कि वे मौके पर जाना अपनी शान के खिलाफ समझते थे। दरअसल, मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों का जिक्र पुलिस महकमे में व्याप्त कमियां गिनाते हुए उनमें सुधार के लिए किया। उन्होंने कहा कि ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने निचले स्तर के अधिकारियों में खराब छवि वालों की पहचान करने के लिए कहा।


वहीं एसीआर व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी को नौ या दस नम्बर दोगे तो गलत अधिकारी की पहचान कैसे होगी। जो गलत काम कर रहा है उसकी पहचान जरूरी है। पहचान नहीं होने से अच्छा काम करने वाले हतोत्साहित होते हैं। भारत सरकार की तरह गलत काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने की जरूरत है।


मुख्यमंत्री ने धौलपुर की घटना का जिक्र करते हुुए कहा कि दो लोगों की जान चली गई। गम्भीर बात है। जान की कीमत होती है। घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक की सुरक्षा के लिए तैैनात गनमैन फायरिंग की घटना में कैसे पहुंच गया यह चिंता की बात है।


इस मुद्दे पर एसीएस राजीव स्वरूप ने कहा कि अधिकारियों के तबादले होते रहते हैं, निचले स्तर के कर्मचारी वहीं रहते हैं। ऐसे में कई बार वे ग्रुप बना लेते हैं। ऐसे पुलिसर्किमयों की पहचान जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक को निलम्बित करने या हटाने की मुद्दे पर मुख्यमंत्री बोले कि हम ऐसी कार्रवाई नहीं करना चाहते, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती है कि ऐसा करना पड़ता है। उन्होंने गोपालगढ़ में हुई घटना के साथ और भी घटनाओं को जिक्र किया। टोंक की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हरीश मीना धरने पर बैठे रहे और पुलिस ने कुछ नहीं किया। इसी तरह इन दिनों प्रदेश में हुई कुछ और घटनाओं का जिक्र किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपको इंपोर्टेंस देना चाहती है। बेरोजगारी बढ़ रही है, उसी रूप में अपराध बढ़ रहा है। आपको अधिक मेहनत करनी होगी। पुलिस अधीक्षकों को दिए अधिकार बताते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने चाहिए कि अधिकार मिल गए तो व्यवहार बदल जाए। पुलिस अधीक्षक को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए। उनके बताए काम हो या न हो, लेकिन उनसे अच्छी तरह पेश आना चाहिए। यह भी कहा कि एसपी और कलक्टर के बीच तालमेल अच्छा रहना चाहिए।


पुलिस अधीक्षक व रेंज आइ को पांच मिनट कांफ्रेंस में प्रत्येक पुलिस अधीक्षक को अपने जिले की स्थिति पर प्रजेंटेंशन के लिए पांच मिनट दिए गए। उनके बाद रेंज आइजी को पांच मिनट दिए गए। मुख्यमंत्री ने प्रजेंटेंशन से पहले और बाद में पुलिस में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।


ये भी बोले

गहलोत मुख्यमंत्री ने बताया कि एसपी की बड़ी जिम्मेदारी है। हर एक के पास बीस के करीब थाने हैं, कई स्तर के अधिकारी हैं। उनकी जिम्मेदारी निरीक्षण की भी है। क्षेत्र में शराब की दुकानें देर रात तक न खुलें, महिला व दलित पर अत्यचार न हो, ये सब देखना एसपी की जिम्मेदारी है। सभी रेंज व जिला के प्रजेंटेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने कई निर्देश भी दिए।


आपराधिक मामलों की संख्या बढ़ेगी, जनता घबराए नहींकानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जो माहौल है, उसमें रोज गम्भीर आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। हत्या, बलात्कार, अपहरण, मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं। राजस्थान भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस का इकबाल हो।

आपराधिक आंकड़ों को लेकर उन्होंने कहा कि एफआइआर दर्ज करने की व्यवस्था आसान की है। संख्या बढऩा स्वाभाविक है, लेकिन इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। हमने अपराध की रोकथाम के प्रयास शुरू किए हैं। मोबाइल वैन के लिए 70 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।


दंगा कराने वालों की होगी पहचान

जयपुर में लगातार पथराव व दो पक्षों में टकराव की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं से हम चिंतित हैं। लगातार हो रहे तनाव का कारण कुछ लोग हैं, जो पीछे बैठ कर लोगों को उकसा रहे हैं। वे लोगों को जाति व धर्म के नाम पर उकसाते हैं। ऐसे लोगों के इशारे पर गरीब, दलित व मुस्लिम लोगों में झगड़े हो रहे हैं। पीछे से जो लोग उकसा रहे हैं, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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