कोरोना से निपटने के लिए पूर्व सैनिकों की लेंगे मदद, संकट में फौजी ही सबसे पहले आते हैं आगे : मुख्यमंत्री

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए किया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आह्वान, कोरोना जागरूकता का संदेश गांव-ढाणी तक पहुंचाएं पूर्व सैनिक, आमजन को बचाव के उपाय अपनाने के लिए करें प्रेरित

By: pushpendra shekhawat

Published: 07 Jul 2020, 06:25 PM IST

समीर शर्मा / जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व सैनिकों से अपील की है कि वे कोरोना जागरूकता का संदेश गांव-ढाणी तक पहुंचाएं और आमजन को बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करें। गहलोत ने कहा कि किसी भी संकट के समय फौजी सबसे पहले आगे आते हैं। कोरोना संक्रमण से हमारी जंग में भी पूर्व सैनिकों ने वॉलेंटियर के रूप में आगे आकर मदद की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लम्बी लड़ाई के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है।

गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूर्व सैनिकों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि भीड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, आपस में दूरी बनाए रखें, मास्क पहनें एवं बार-बार हाथ धोने सहित हैल्थ प्रॉटोकोल की पूरी तरह से पालना करें। हमारे पूर्व सैनिकों की हौसला अफजाई करने के लिए मैनें स्वयं उनसे बात करने की पहल की है। तीन माह से डॉक्टर, नर्सेज, पुलिस, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, ग्राम सचिव, पटवारी, प्रधान, सरपंच, वार्ड पंच, पार्षद एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही पूर्व सैनिकों ने भी आगे बढ़कर अपना योगदान दिया है, इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं।


1.92 लाख पूर्व सैनिक देंगे संदेश

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश की क्षमता 41450 कोरोना टेस्ट प्रतिदिन की हो गई है। परिवहन एवं सैनिक कल्याण मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि प्रदेश में 1.92 लाख से अधिक पूर्व सैनिक एवं अधिकारी हैं जो राज्य सरकार के कोरोना जागरूकता के संदेश को आमजन तक पहुंचाएंगे। सैनिक कल्याण राज्य मंत्री अशोक चांदना ने भी संबोधित किया।

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pushpendra shekhawat Desk
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