सर्वदलीय बैठक में बोले मुख्यमंत्री गहलोत, 'लोगों का जीवन बचाने के लिए सब मिलकर काम करें'

बैठक में सभी दलों के नेताओं ने दिए अपने अपने सुझाव, मुख्यमंत्री ने कहा सभी के सुझावों पर करेंगे अमल

By: firoz shaifi

Published: 11 May 2021, 09:14 PM IST

जयपुर। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक ली। दोपहर 12 बजे शुरू हुई बैठक शाम 4 बजे तक चली। बैठक के दौरान भाजपा, माकपा, रालोपा, और निर्दलीय विधायकों ने भी अपने अपने सुझाव मुख्यमंत्री को दिए।इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से हम सभी को मिलकर लड़ना है और प्रदेशवासियों का जीवन बचाने के लिए हमे मिलकर काम करना है।

अभी राजनीति करने का समय नहीं है, सीएम ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में ज्यादा जागरूकता चलाने की जरूरत है और सभी नेताओं गांवों में कोरोना की रोकथाम हो सके इसके लिए अपने सुझाव दें। मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे केंद्र से राज्य के लिए ऑक्सीजन और दवाइयों की मांग करें दवाइयों का वितरण संक्रमित मरीजों के अनुपात में किया जाए। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा की तीसरी लहर के लिए हम सभी को तैयार रहने की जरूरत है सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर कोरोना से जंग लड़नी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट से जूझने सहित जनहित में राजनेताओं तथा आमजन द्वारा की गई शिकायत और सुझावों को राज्य सरकार गंभीरता से लेती है। हम ऎसी शिकायतों को आलोचना के रूप में नहीं लेते, क्योंकि हमारा मानना है कि सरकार के प्रयासों में रही कमी पर ध्यान आकर्षित करने से किसी बीमार को आवश्यक सुविधा मिल सकेगी तथा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को लाभ ही होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

विधानसभा अध्यक्षसीपी जोशी ने महामारी से मुकाबले के लिए ‘क्यूरेटिव अप्रोच’ के साथ-साथ ‘प्रीवेन्टिव अप्रोच’ पर काम करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी महामारी से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर काम राज्य सरकार को करना होता है, लेकिन संसाधनों के समुचित प्रबंधन और संतुलित वितरण में केन्द्र सरकार की अहम भूमिका है।

चिकित्सा रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के खिलाफ जंग मजबूती से लड़ी जा रही है। राज्य सरकार ने चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया है, लेकिन कोरोना महामारी भयावह रूप से सामने आई है और संसाधनों पर अत्यधिक दबाव है। ऎसे में, आपसी वैचारिक मतभेदों को भुलाकर जीवन की रक्षा के लिए सभी राजनैतिक एवं सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया ने कहा कि सभी राजनैतिक दल राज्य सरकार के साथ रचनात्मक सहयोग की अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को दवाओं की आपूर्ति तथा मरीजों को प्रारंभिक राहत देने के लिए सीएचसी और पीएचएसी स्तर तक व्यवस्था मजबूत करने जैसे सुझाव दिए।

बैठक में सभी राजनैतिक दलों ने एक स्वर में कहा कि संकट की इस घड़ी में वे राज्य सरकार का सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार हैं। अपने-अपने संगठनों के माध्यम से वे महामारी से बचाव के उपायों, उपचार की सुविधाओं के बारे में जागरूकता के प्रसार तथा लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव सहयोग देंगे।

उन्होंने वैक्सीनेशन कार्यक्रम को अधिक गति देने, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में पंजीयन बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण को रोकने के लिए अधिक सतर्कता बरतने सहित कोविड अनुशासन के बारे में अन्य महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, सुभाष गर्ग, बीटीपी, माकपा, रालोपा और निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ और संयम लोढ़ा ने भी अपने सुझाव दिए।

firoz shaifi Desk
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