scriptCM Gehlot's appeal regarding lumpy skin disease | सीएम गहलोत की अपीलः गोवंश में फैल रहा लम्पी स्किन अत्यंत संक्रामक,सावधानी-सतर्कता जरूरी | Patrika News

सीएम गहलोत की अपीलः गोवंश में फैल रहा लम्पी स्किन अत्यंत संक्रामक,सावधानी-सतर्कता जरूरी

प्रदेश करीब आधा दर्जन जिलों में लम्पी स्किन रोग ने पशुओं को अपनी जद में लिया है। लगातार गोवंश में फैल रहे लम्पी स्किन रोग पर सीएम अशोक गहलोत ने सभी से अपील की है कि ये रोग अत्यंत संक्रामक है।

जयपुर

Published: August 04, 2022 11:08:55 am

जयपुर। प्रदेश करीब आधा दर्जन जिलों में लम्पी स्किन रोग ने पशुओं को अपनी जद में लिया है। लगातार गोवंश में फैल रहे लम्पी स्किन रोग पर सीएम अशोक गहलोत ने सभी से अपील की है कि ये रोग अत्यंत संक्रामक है। अपने पशुओं को इससे बचाने के लिए आवश्यक सावधानियों का पालन करें।

ashok gehlot
ashok gehlot

सीएम गहलोत ने आज सुबह ट्वीट करते हुए कहा कि गोवंश में फैल रहा लम्पी स्किन रोग अत्यंत संक्रामक है। राज्य सरकार इसकी रोकथाम एवं बचाव के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। अपने पशुओं को इससे बचाने के लिए आवश्यक सावधानियों का पालन करें। पशुओं में इस रोग के लक्षण नजर आने पर नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था में सम्पर्क करें।

कृषि मंत्री ने कोरोना वायरस से की थी लम्पी रोग की तुलना
इससे पहले कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने पशुओं में तेजी से फैल रहे लम्पी रोग की तुलना कोरोना वायरस से की थी। मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा था कि जिन पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन पशुओं को ही ये लम्पी रोग हो रहा है। इसका टीका तो फिलहाल नहीं बन पाया है लेकिन पशुओं को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए जाने की दवाईंयां दी जा रही हैं।

रोग के लक्षण
गोवंश में फैल रहे लम्पी स्किन रोग के लक्षणों को समझने की जरूयत है। पशुओं तेज बुखार, त्वचा में सूजन और मोटी-मोटी गांठ, आहार खाने में परेशानी, कमजोरी के साथ दूध उत्पादन में कमी आती है। ये इस बात की ओर इशारा करता है कि पशुओं में लम्पी स्किन रोग की शिकायत है।

यह सावधानी बरतने की जरुरत
कृषि एवं पशुपालन विभाग की ओर से जो गाइड लाइन लम्पी रोग के लिए जारी की गई है उसके मुताबिक,रोग के प्रारम्भिक लक्षण दिखाई देने पर रोगी पशु को अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग कर दें, उपचार के लिए नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था सम्पर्क करें।

रोगी पशु की चारा-पानी और दाने की व्यवस्था अलग बर्तनों में करें। रोग ग्रस्त क्षेत्र में पशुओं की आवाजाही रोके। इसके साथ पशु आवास में नीम के पत्तों को जलाकर धुआं करें ताकि मक्खी- मच्छरों भगाया जा सके। पशु आवास की दीवारों में आ रही दरार या छेद में चूना भर दें। इसके अलावा कपूर की गोलियां भी रखी जा सकती हैं, इससे मक्खी-मच्छर दूर रहते हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

'हर घर तिरंगा' अभियान में शामिल हुई PM नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन, बच्‍चों के संग फहराया राष्‍ट्रीय ध्‍वज7,500 स्टूडेंट्स ने मिलकर बनाया सबसे बड़ा ह्यूमन फ्लैग, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नामबिहारः सत्ता गंवाते ही NDA के 3 सांसद पाला बदलने को तैयार, महागठबंधन में शामिल होने की चल रही चर्चा'फ्री रेवड़ी ' कल्चर व स्कूल के मुद्दे पर संबित्र पात्रा ने AAP को घेरा, कहा- 701 स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं, 745 स्कूलों में नहीं पढ़ाया जाता विज्ञानPM मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाले दल से मुलाकात की, कहा- विजेताओं से मिलकर हो रहा गर्वप्रियंका के बाद अब सोनिया गांधी भी दोबारा हुईं कोरोना पॉजिटिव, तेजस्वी यादव ने कल ही की थी मुलाकातजम्मू कश्मीर में टेरर लिंक मामले में बिट्टा कराटे की पत्नी समेत चार सरकारी कर्मचारी बर्खास्त2009 में UPSC किया टॉप, 2019 में राजनीति के लिए नौकरी छोड़ी, अब 2022 में फिर कैसे IAS बने शाह फैसल?
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.