मुख्यमंत्री ने किया 108 चिकित्सा भवनों का लोकार्पण-शिलान्यास, विधायकों से जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने की अपील

प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर वर्चुअल लोकार्पण-शिलान्यास का कार्यक्रम पहली बार हुआ है। विभिन्न जिलों में शुरू होने जा रहे नए चिकित्सा भवनों को ‘निरोगी राजस्थान’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

By: nakul

Published: 01 Jul 2020, 01:41 PM IST

जयपुर।

डॉक्टर्स डे के अवसर पर आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 108 चिकित्सा भवनों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने आवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये इन भवनों को जनता के सुपुर्द किया। वर्चुअल अंदाज़ से हुए इस कार्यक्रम में 94 चिकित्सा भवनों का लोकार्पण हुआ है, जबकि 14 भवनों का शिलान्यास किया गया है। चिकित्सा भवनों का वर्चुअल लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम में चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, चिकित्सा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त चिकित्सा सचिव रोहित कुमार सिंह, एनएचएम निदेशक नरेश ठकराल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर वर्चुअल लोकार्पण-शिलान्यास का कार्यक्रम पहली बार हुआ है। विभिन्न जिलों में शुरू होने जा रहे नए चिकित्सा भवनों को ‘निरोगी राजस्थान’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कोरोना महामारी के इस दौर में इन भवनों में चिकित्सा कार्य शुरू होने से अन्य सरकारी अस्पतालों में होने वाले दबाव के कम होने की भी संभावना बनी हुई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, ‘’कोविड-19 ने हमें चिकित्सा भवनों का लोकार्पण-शिलान्यास वीसी के माध्यम से करने पर मजबूर कर दिया है। कोरोना का दंश कब तक चलेगा कहा नहीं जा सकता, इसलिए हम इसके ख़त्म होने का इंतज़ार नहीं कर सकते, इसलिए वीसी के माध्यम से लोकार्पण-शिलान्यास कर रहे हैं।‘’

गहलोत ने कहा, ‘’कोरोना ने लोगों का रहन-सहन, खान-पान, व्यवहार सब कुछ बदल कर रख दिया है। सरकार के सामने कोरोना से जंग लड़ने के साथ ही आर्थिक गतिविधि जारी रखने की भी चुनौती बनी हुई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर सरकार का फोकस बना हुआ है।‘’

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी आने से पहले ही सरकार ने निरोगी राजस्थान अभियान शुरू कर दिया था, लेकिन इस महामारी ने सब कुछ बदल कर रख दिया। फिलहाल सरकार कोविड के साथ ही नॉन कोविड पेशेंट्स की देखभाल करने का भी फ़र्ज़ निभा रही है।

गहलोत ने कहा कि सरकार एक तरफ जीवन बचा रही है और एक तरफ लोगों की आजीविका। लोगों को दिक्कत ना आये इसके लिए सरकार कैश ट्रांसफर कर रही है, और कोई भूखा ना रहे इसके लिए अनाज दिया जा रहा है। सोशल कमिटमेंट की ज़िम्मेदारी को निभाया जा रहा है।

उन्होंने विधायकों से कहा कि वे अपने जिलों में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करें। वे योजनाबद्ध तरीके से फंड करें और हर सीएचसी को मॉडल बनाने की कोशिश करें।

उन्होंने कोरोना टेस्टिंग का ज़िक्र करते हुए कहा कि, प्रदेश में मौजूदा समय में 40 हज़ार प्रतिदिन टेस्टिंग की क्षमता हो गई है। साथ ही अन्य राज्यों को भी प्रतिदिन पांच हज़ार टेस्टिंग करने में प्रदेश सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज शुरू करने का काम कर रही है, जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। गहलोत ने दिल्ली-मुम्बई-अहमदाबाद की बिगड़ी स्वास्थ्य सेवाओं का भी ज़िक्र किया।

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