अपने जीवन में भरें रंग

नीरसता जैसे ही जीवन को बेरंग करने लगे तो फौरन रंगों की कूची थाम लीजिए।

By: Kiran Kaur

Published: 04 Apr 2021, 07:36 PM IST

अपने बचपन को याद कीजिए जब रंग-बिरंगे ढेर सारे कलर्स मिलते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। रंग खास हैं। ये ताउम्र साथ चलते हैं। इनमें भाव हैं, जो हमें आकर्षित करते हैं इसलिए जरूरी है कि आप अपने जीवन में रंगों को बनाए रखें। नीरसता और उदासी जैसे ही आपके खूबसूरत जीवन को बेरंग करने लगे तो फौरन रंगों की कूची थाम लीजिए। रंगों का साथ आपको शांति और सुकून देने के साथ-साथ उत्साह व ऊर्जा भी प्रदान करता है। आइए जानते हैं इसके बारे में:
तनाव और एंजाइटी में कमी आएगी: आप किसी भी तरह से यदि अपने जीवन में रंगों को शामिल करते हैं तो इससे एंजाइटी और तनाव में कमी आती है। ऐसा कई अध्ययनों में भी पाया गया है। इससे आपको एकाग्र होने में भी मदद मिलती है। नींद न आने की समस्या दूर होती है और आपकी सोच का दायरा भी बढ़ता है।
मूड और व्यवहार को करते हैं प्रभावित: कलर साइकोलॉजी महत्त्वपूर्ण है। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि हमारे आसपास जो भी रंग होते हैं, वह मूड और व्यवहार को प्रभावित करते हैं। भावनाओं और रंगोंं के बीच संबंध होता है। कलर्स हमें अलग-अलग स्तर पर प्रभावित करते हैं। जैसे गर्मियों के दिनों में तेज धूप से बचने के लिए हम सफेद और न्यूट्रल रंगों को ज्यादा महत्त्व देने लगते हैं।
सही सामंजस्य: रंगों को जीवन में स्थान देने के लिए घर में वॉर्म और कूल दोनों तरह के कलर्स का सही सामंजस्य होना चाहिए। जैसे किसी दीवार या सजावट में हल्का पीला रंग आकर्षित करेगा लेकिन इसकी अधिकता आंखों को चुभेगी।
इनके मायने लाल रंग प्यार, खुशी, ऊर्जा का अहसास कराता है। वहीं पीला आशा का प्रतिनिधित्व करता है। गुलाबी रंग सौम्यता, मधुरता, चंचलता का प्रतीक है जिसेे घर में उपयोगिता के आधार पर चुन सकते हैं।

Kiran Kaur Desk
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