निम्स में हुए कथित ट्रायल की अफसरों को भनक तक नहीं, जयपुर में बाबा रामदेव पर दर्ज हुआ परिवाद

पतंजलि विद्यापीठ हरिद्वार की ओर से कोरोना दवा की लॉन्चिंग से पहले निम्स में हुए कथित ट्रायल की राज्य सरकार के अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी।

By: santosh

Updated: 24 Jun 2020, 05:38 PM IST

जयपुर। पतंजलि विद्यापीठ हरिद्वार की ओर से कोरोना दवा की लॉन्चिंग से पहले निम्स में हुए कथित ट्रायल की राज्य सरकार के अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। जिन अधिकारियों की मॉनिटरिंग में मरीजों को दिल्ली रोड स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) में भेजा और उपचार किया गया, उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है।

ट्रायल में निम्स के मरीजों को शामिल करने व दवा की लॉल्चिंग में निम्स के डॉक्टरों की मौजूदगी के बाद पत्रिका ने पड़ताल की तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। निम्स प्रबंधन का कहना है कि निम्स में तो ट्रायल हुआ है, अनुमति पतंजलि ने ली है। जबकि मॉनिटरिंग कर रहे अधिकारियों ने इसकी जानकारी होने से इनकार किया है।

इधर बाबा रामदेव व निम्स विवि के चेयरमैन सहित अन्य लोगों के खिलाफ बापूनगर निवासी डॉ. संजीव गुप्ता ने गांधीनगर थाने में परिवाद दर्ज कराया है। इसमें लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

खड़े हुए ये सवाल-
- मॉनिटरिंग कर रहे अधिकारियों को जानकारी क्यों नहीं दी गई?
- जिन मरीजों को ठीक बताकर घर भेजा, वे सचमुच स्वस्थ हुए थे?
- कोई मरीज पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुआ तो उससे संक्रमण फैलने पर कौन जिम्मेदार?
- मरीज पहले से ही ए लक्षण वाले थे तो उन पर दवा के असर के नतीजों पर भी सवाल

नीचे से ऊपर तक किसी को नहीं पता-
- रघु शर्मा, चिकित्सा मंत्री: किसी भी आयुर्वेदिक ट्रायल की जानकारी मुझे नहीं है।
- वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग: हमें किसी भी ट्रायल की जानकारी नहीं है। आयुर्वेदिक दवा का किन मरीजों पर ट्रायल किया, असर क्या रहा, इसकी जानकारी हमें नहीं भेजी गई।
- राजाराम शर्मा, औषधि नियंत्रक: निम्स में हुए किसी भी ट्रायल की जानकारी हमें नहीं है।
- डॉ. नरोत्तम शर्मा, सीएमएचओ: निम्स में दो माह में 500 मरीजों को भेज चुके हैं। लगभग सभी बेहद कम लक्षण वाले थे। हमें नहीं पता, उन्होंने किन मरीजों पर और क्या ट्रायल किया।
- डॉ. सुधीर भंडारी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज: ट्रायल के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

मरीजों को केवल आयुर्वेदिक दवा दी गई। इसके लिए अनुमति की प्रक्रिया पतंजलि ने नियमानुसार पूरी की थी।
- अनुराग तोमर, निदेशक, निम्स

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned