ढाई किलोमीटर चल कर पानी लाने की मजबूरी

ग्रामीण क्षेत्रों में गहरा रही पेयजल समस्या

By: Rakhi Hajela

Updated: 22 May 2020, 05:40 PM IST

गर्मी की शुरुआत भी हुई भी नहीं है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या गहराने लगी है। बूंदी के नोताड़ा कस्बे में रेबारपुरा पंचायत के खेडिय़ा दुर्जन गांव में लोगों को ढाई किलोमीटर चल कर पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कारण है हैंडपम्प से अब पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। एेसे में गांव के लोग पानी लेने के लिए गांव से करीब ढाई किलोमीटर तक का सफर मोटरसाइकिल के जरिए तय करते हैं और नोताड़ा आने वाली सड़क पर नहर के किनारे लगे हैण्डपम्प पर पानी लाने को मजबूर हैं। आपको बता दें कि यहां यह नजारा सुबह शाम देखा जा सकता है। दर्जनों लोग मोटरसाइकिलों से पीने का पानी लेने जाते हैं और हैण्डपम्प पर हमेशा भीड़ लगी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव में हैण्डपम्पों का पानी अब पीने लायक नहीं रहा है। इस पानी से ना तो साफ सफाई हो पाती है और ना ही खाने के उपयोग में इसे ले सकते हैं यदि दूध में यह पानी पड़ जाता है तो दूध तक फट जाता है। गांव में आरओ प्लांट लगा है लेकिन उससे गर्म पानी निकलता है। एेसे में गांव के पुरुष गाँव से ढाई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाते हैं। परिवार की महिलाओं को इतनी दूर पानी के लिए नहीं भेजा जा सकता। ऐसे में परिवार के पुरुष सदस्य मोटरसाइकिल पर पानी के ड्रम बांधकर पानी लेकर आते हैं।

Rakhi Hajela Desk
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