बुनकरों को मध्यस्थों के शोषण से बचाने के होंगे ठोस उपाय

बुनकरों को मध्यस्थों के शोषण से बचाने के होंगे ठोस उपाय
बुनकरों को मध्यस्थों के शोषण से बचाने के होंगे ठोस उपाय

Lalit Tiwari | Updated: 23 Jul 2019, 11:03:11 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

उद्योग आयुक्त डॉ. कृष्णा कांत पाठक ने कहा है कि प्रदेश के बुनकरों को मध्यस्थों के शोषण से बचाने की ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बुनकरों के उत्पाद बेचने में बिचौलिए हटाने का विभाग ने प्रभावी कार्ययोजना तैयार की है।

उद्योग आयुक्त डॉ. कृष्णा कांत पाठक ने कहा है कि प्रदेश के बुनकरों को मध्यस्थों के शोषण से बचाने की ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बुनकरों के उत्पाद बेचने में बिचौलिए हटाने का विभाग ने प्रभावी कार्ययोजना तैयार की है। डॉ. पाठक ने आज उद्योग भवन में बुनकर संघ व एक दर्जन से अधिक बुनकर सहकारी समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बुनकरों के उत्पाद विपणन को बिचौलिए से मुक्त रखने के मुद्दे पर मंथन किया। उन्होंने कहा कि आम बुनकरों के उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने और बाजार उपलब्ध कराने के लिए पहली बार राजस्थान हाथकरघा विकास निगम (आरएसडीसी) की ओर से उत्पादों की दरें सीधे बुनकरों से उपापन नियमों के तहत मांगी गई है, जिससे आम बुनकर सीधा जुड़ सके और इस व्यवस्था से बिचौलियों को अलग किया जा सके। उन्होंने बताया कि आरएसडीसी को 29 जुलाई तक निर्धारित प्रपत्र में दरें दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि बुनकर परिचय कार्ड बनाने के लिए भामाशाह कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त करने के साथ ही अब 26 जुलाई तक जिला उद्योग केंद्रों में बुनकर परिचय कार्ड बनाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि बुनकरों को एक लाख रुपए तक के ब्यजमुक्त कर्ज उपलब्ध करवाया जाएगा। बुनकरों की सुविधा के लिए कॉमन फेसिलिटी सेंटर स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे बुनकरों को लूम लगाने से लेकर भंडार तक की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

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