राजस्थान: उपचुनाव से पहले 'स्पेशल टास्क' में जुटे कांग्रेस के Ajay Maken और भाजपा के Arun Singh

कांग्रेस-भाजपा के प्रदेश प्रभारियों का चुनौतीपूर्ण टास्क, अपनी-अपनी पार्टियों को एकजुट करने की है दारोमदार, कांग्रेस में अजय माकन, तो भाजपा में अरुण सिंह की बढ़ी सक्रियता, राहुल गांधी और जेपी नड्डा भी रख रहे ‘अंदरूनी हलचलों’ पर नज़र, पल-पल की गतिविधियों का फीडबैक ले रहा केंद्रीय संगठन, .. ताकि चुनाव में ना उठाना पड़े ओनी ही पार्टी में ‘गुटबाजी’ का नुकसान, कांग्रेस में पायलट खेमा, तो भाजपा में वसुंधरा खेमा नाराज़, अपने नेता को उचित सम्मान नहीं मिलने से समर्थकों में नाराजगी

 

By: nakul

Published: 28 Feb 2021, 01:55 PM IST

जयपुर।

प्रदेश की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर सियासी पारा गरमाने लगा है। केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के इंतज़ार के बीच दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों को गति देने में लगे हैं। उपचुनाव क्षेत्रों पर फोकस रखने के साथ ही दोनों ही दलों की कोशिश खुद के कुनबे को संभालने की भी दिखाई दे रही है। इस सबसे बड़े चुनौतीपूर्ण टास्क की कमान कांग्रेस-भाजपा के प्रदेश प्रभारियों ने संभाली हुई है।

माकन और अरुण सिंह ने संभाली अपनी-अपनी ज़िम्मेदारी
चाहे सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी हो या विपक्ष में बैठी भाजपा, दोनों ही दलों में नेताओं के बीच दूरियां और अंदरूनी खींचतान किसी से छिपे हुई नहीं हैं। इसी को देखते हुए दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व ने नेताओं के बीच सुलह करवाने और धडों में बंटी पार्टी को एकजुट करने का महत्वपूर्ण टास्क प्रदेश प्रभारियों को दिया हुआ है। यही वजह है कि इन दिनों कांग्रेस में अजय माकन और भाजपा में अरुण सिंह की सक्रियता बढ़ी हुई दिख रही है।

राहुल-नड्डा रख रहे नज़र
प्रदेश कांग्रेस और प्रदेश भाजपा में अंदरूनी खींचतान पर दोनों ही पार्टियों के केंद्रीय संगठनों की पैनी नज़र है। कांग्रेस पार्टी में जहां पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार फीडबैक ले रहे हैं, तो वहीं अपनी ही पार्टी के नेताओं की आपसी अदावत से जुडी पल-पल की अपडेट्स सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तक पहुँच रही हैं।

दिया जा रहा ‘ऑल इज़ वेल’ का संदेश
दोनों ही राजनीतिक दलों में धड़ेबाजी कभी खुलकर तो कभी संकेतों के ज़रिये सामने आते रहे हैं और ये सिलसिला अब भी जारी है। इसकी जानकारी दोनों ही पार्टियों के प्रदेश नेतृत्व से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक को है। लेकिन मीडिया के सामने और सार्वजनिक कार्यक्रमों में लगातार ‘ऑलइज़ वेल’ का संदेश दिया जा रहा है।

माकन-सिंह के दौरों में तेज़ी
कांग्रेस प्रभारी अजय माकन और भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह के प्रदेश दौरों ने इन दिनों रफ़्तार पकड़ी हुई है। भले ही दोनों नेता प्रदेश की चार सीटों पर उपचुनाव की तैयारियों के सिलसिले में आते हैं, लेकिन इसी बहाने अपनी ही पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद और मनभेद दूर करने की जद्दोजहद में भी रहते हैं। दोनों प्रभारियों की कोशिश अलग-अलग धडों में बंटे नेताओं को करीब लाने की है, ताकि अपनी ही पार्टी में नेताओं के बीच अदावत का नुकसान चुनावों में ना उठाना पड़ जाए।

पायलट-वसुंधरा समर्थकों में नाराजगी!
कांग्रेस और भाजपा के प्रदेश प्रभारियों के लिए पार्टी नेताओं और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं की नाराजगी को कम करना आसान नहीं है। कांग्रेस में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे के समर्थकों में नाराजगी बढ़ी हुई है तो वहीं भाजपा में वसुंधरा खेमे के समर्थक कार्यकर्ता नाराज़ हैं। समर्थकों को अपने नेता की अपनी ही पार्टी में बेकद्री और उचित सम्मान नहीं दिए की पीढा है। इस नाराजगी को वे वक्त-बेवक्त अलग-अलग माध्यमों से दर्शाते भी रहे हैं।

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