जातिगत समीकरण साधने का प्रयास, कांग्रेस ने तीन सीटों पर सजातीय नेताओं को उतारा प्रचार में

-तीनों ही सीटों पर प्रभाव वाली जातियों को साधने की कवायद, सजातीय नेताओं को तीनों ही सीटों पर अलग-अलग जिम्मेदारी

By: firoz shaifi

Published: 06 Apr 2021, 01:35 PM IST

जयपुर। राजनीति में भले ही सभी दल जातिगत राजनीति करने की बात से इनकार करते हों, लेकिन बगैर जातीय सियासत के चुनाव में जीत हार की रणनीति नहीं बनती । यहीं कारण है कि कांग्रेस ने तीनों सीटों के उपचुनाव में अलग-अलग जातिगत मतदाताओं को साधने की रणनीति तैयार की है।

इस रणनीति के तहत जातियों को साधने के लिए सजातीय नेताओं को ही प्रचार में उतारा गया दरअसल तीनों ही सीटों पर कुछ जातियां ऐसी हैं जो बेहद प्रभावशाली हैं और हार-जीत में जिनकी निर्णायक भूमिका रहती है। ऐसे में इन जातियों के मतदाताओं को कांग्रेस के पाले में लाने का टास्क इन जातियों से जुड़े नेताओं को ही टास्क दिया गया है।

हालांकि तीन में से दो सीटें सुजानगढ़ और सहाड़ा में कांग्रेस ने परिवारवाद पर दांव खेलकर सहानुभूति बंटोरने का दांव खेला है, लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस को चुनाव में जातिगत मतदाताओं को साधने के लिए सजातीय नेताओं का सहारा लेना पड़ रहा है। कांग्रेस थिंक टैंक ने तीनों सीटों पर जातिगत आंकड़ों को ध्यान में रखकर सजातीय नेताओं को प्रचार में उतारा है।


सुजानगढ़ विधानसभा उपचुनाव
चूरू जिले की सुजानगढ़ विधानसभा सीट वैसे तो एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं, लेकिन इस सीट पर एससी वर्ग के अलावा जाट, मुस्लिम, राजपूत और अन्य ओबीसी जातियों का प्रभाव है। ऐसे में इस सीट की कमान स्वयं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने हाथों में ली है।

-जाट नेता
कांग्रेस के जाट नेताओं में कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी, विधायक नरेंद्र बुड़ानिया, कृष्णा पूनियां, पुसाराम गोदारा, बृजेंद्र ओला को प्रचार में उतारा गया है।

-राजपूत नेता
राजपूत नेताओं में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी और विधायक राजेंद्र गुढ़ा को प्रचार में उतारा गया है।

-अल्पसंख्यक नेता
सुजानगढ़ सीट पर अल्पसंख्यक मतदाताओं को रिझाने के लिए अल्पसंख्यक नेताओं को भी प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद, पूर्व मंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, चूरू के पूर्व विधायक मकबूल मंडेलिया और वक्फ बोर्ड चेयरमैन खानू खान बुधवाली शामिल हैं।

-ब्राह्मण नेता
सुजानगढ़ सीट पर ब्राह्मण वर्ग के मतदाताओं का भी खासा प्रभाव है। इसके लिए पार्टी ने कैबिनेट मंत्री डॉ बीडी कल्ला, विधायक भंवर लाल शर्मा, राजेंद्र पारीक और राजकुमार शर्मा को टास्क दिया है।

-आरक्षित वर्ग
वहीं सुजानगढ़ सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते यहां एससी वर्ग का भी बड़ा वोट बैंक हैं, इसलिए यहां एससी वर्ग के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। मंत्री ममता भूपेश, विधायक गोविंद राम मेघवाल, जेपी चंदेलिया और गंगा देवी को टास्क दिया गया है।

-------
सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र
सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र वैसे तो सामान्य वर्ग के लिए है, लेकिन यहां ओबीसी जातिय़ों खासकर जाट और गु्र्जर समाज का बड़ा वोट बैंक है जो प्रत्याशियों की हार-जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ओबीसी मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए भाजपा-कांग्रेस ने यहां पूरी ताकत झोंक रखी है। कांग्रेस ने यहां इन जातियों के मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए सजातीय नेताओं को जिम्मेदारी दी है।

-ब्राह्मण नेता
सहाड़ा सीट पर चुनाव की कमान स्वयं चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने अपने हाथों में ले रखी है। शर्मा के अलावा यहां पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा और रामपाल शर्मा को भी सजातीय वर्ग के बीच प्रचार में उतारा गया है।


-गुर्जर नेता
सहाड़ा में गुर्जर मतदाताओं के बीच भीलवाड़ा जिले के मंत्री अशोक चांदना, विधायक जितेंद्र सिंह, शकुंतला रावत, राजेंद्र बिधूड़ी, पूर्व विधायक धीरज गुर्जर और कांग्रेस नेता संजय गुर्जर को प्रचार में उतारा गया है।

-राजपूत नेता
सहाड़ा सीट पर राजपूत वर्ग को साधने की जिम्मेदारी परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावा, कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सिंह राठौड़ और सेवादल के अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत को दी गई है।


जाट नेता

सहाड़ा में जाट मतदाताओं को साधने के लिए यहां कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी, रामलाल जाट और कांग्रेस नेता राम सिंह कसवा को जिम्मेदारी दी गई है।

राजसमंद विधानसभा सीट
राजसमंद सीट भले ही सामान्य वर्ग के लिए हो, लेकिन इस सीट पर भी ओबीसी वर्ग के मतदाताओं का खासा प्रभाव है। इस सीट पर प्रत्याशियों की हार-जीत में ओबीसी वर्ग की निर्णायक भूमिका होती है।

राजसमंद सीट पर ओबीसी मतदाताओं को साधने के लिए कैबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना, कांग्रेस नेता महेश प्रताप सिंह, सुंदर कुमावत, रतन देवासी और देवकीनंदन काका को जिम्मेदारी दी गई है।

-वैश्य वर्ग के नेता
राजसमंद सीट पर वैश्य वर्ग को साधने के लिए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और खान मंत्री प्रमोद जैन भाया को टास्क दिया गया है। वहीं जाट नेताओं में कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया और रामलाल जाट को जिम्मेदारी दी गई है।

firoz shaifi Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned