सरकार ने बंद की स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाने वाली योजना

- कोरोना काल के बाद जब स्कूल खुलेंगे तो बच्चों को नहीं मिलेगा दूध
- भाजपा सरकार ने की थी शुरू, पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को दिया जा रहा था दूध

By: Jaya Gupta

Published: 15 Dec 2020, 08:29 PM IST


जया गुप्ता/जयपुर। भाजपा सरकार के समय शुरु की गई सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए लागू दूध पिलाने वाली योजना को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया है। कोरोना में स्कूल बंद रहे और इसी दौरान विभाग ने योजना को बंद करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया। अब मुख्य सचिव स्तर से योजना को बंद करने पर मुहर लगाई जा चुकी है। हालांकि, इसके स्थान पर एक नई योजना प्रस्तावित है। जिसके अनुसार बच्चों को फल या मिठाई दिया जा सकता है। लेकिन, अभी तक इसे अनुमति नहीं मिल पाई है। ऐसे में कोरोना काल के बाद जब भी स्कूल खुलेंगे तो बच्चों को केवल मिड-डे मील के तहत खाना मिलेगा, दूध नहीं।

भाजपा सरकार ने की थी शुरुआत
पूर्व भाजपा सरकार ने जुलाई 2018 में अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू की थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जयपुर के ही एक स्कूल से इसे शुरू किया था। शुरुआत में सप्ताह में तीन दिन दूध पिलाया जाता था। जिसे बाद में रोजाना कर दिया गया। योजना के तहत कक्षा एक से आठ तक के करीब साठ लाख बच्चों को फीका दूध दिया जा रहा था। योजना के अन्तर्गत प्रार्थना सभा के बाद दूध गर्म कर फिर उसे ठंडा कर बच्चों को पिलाने का प्रावधान था।

सरकार का तर्क, इसीलिए किया बंद
विभाग का तर्क है कि अन्नपूर्णा दूध योजना की क्रियान्विति में आ रही समस्याओं देखते हुए इसे बंद किया गया है। योजना में विद्यार्थियों को जो दूध सप्लाई किया जा रहा है वह मिलावटी है या नहीं इसकी जांच नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बच्चों को पूर्ण पोषण मिले, इसके लिए विकल्प का चयन कर सरकार ने निर्णय लिया।
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Jaya Gupta Reporting
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