कांग्रेस के धरने में नेताओं ने भरी हुंकार, कहा- आरक्षण से छेड़छाड़ का प्रयास न हो

आरक्षण को लेकर घमासान फिर तेज होता दिख रहा है। एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षण को लेकर कांग्रेस की ओर से रविवार को कलक्ट्रेट सर्कल पर दिए गए धरने में पार्टी के नेताओं ने कहा कि आरक्षण को किसी भी हालत में खत्म नहीं होने देंगे...

जयपुर। आरक्षण को लेकर घमासान फिर तेज होता दिख रहा है। एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षण को लेकर कांग्रेस की ओर से रविवार को कलक्ट्रेट सर्कल पर दिए गए धरने में पार्टी के नेताओं ने कहा कि आरक्षण को किसी भी हालत में खत्म नहीं होने देंगे। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन राजभवन में राज्यपाल कलराज मिश्र को सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि यह धरना केंद्र की भाजपा सरकार को सचेत करने के लिए है। कोई भी विचारधारा या ताकत देश के नागरिकों के मूलभूत अधिकारों को खत्म नहीं कर सकती। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने आरक्षण का प्रावधान इसलिए किया ताकि दलितों व पिछड़ों को मुख्यधारा से जोडकऱ उनके जीवन स्तर को सुधारा जा सके। पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि आरक्षण का अधिकार संविधान में निहित है। भाजपा सरकार इससे छेड़छाड़ का प्रयास कर ही है। धरने को सह प्रभारी विवेक बंसल, कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, राज्यमंत्री ममता भूपेश, पूर्व केन्द्रीय मंत्री नमोनारायण, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष गोपाराम मेघवाल, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष शंकरलाल मीणा, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष श्रवण तंवर ने भी संबोधित किया।

मंत्री से कहा, आरक्षण पर भी तो बोलो
धरने में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। मंच पर पीछे बैठे दौसा से विधायक मुरारीलाल बोले, कुछ आरक्षण पर भी बोलें। सिंह ने कहा कि यह धरना ही उसी पर है। आप तय करोगे क्या? बैठ जाओ। मंच पर दो नेताओं के बीच विवाद के दौरान मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी भी मौजूद थे। दरअसल, मुरारीलाल मंच से लोगों को संबोधित करना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं करने दिया गया। इसी से वह नाराज थे। सिंह जब प्रदेश सरकार की एक साल की उपलब्धियां गिना रहे थे तो मुरारीलाल उखड़ गए और मंत्री से आरक्षण पर बोलने के लिए कहा।

वापस लिए जाएं मुकदमे
सामाजिक न्याय-अधिकारिता मंत्री भंवरलाल मेघवाल और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि 2 अप्रेल 2018 को एससी-एसटी के लोगों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लिए जाएं। मीणा ने तो यहां तक कहा कि मुख्यमंत्री तो सकारात्मक हैं लेकिन अधिकारी फाइलों को दबाकर बैठे हैं।

मुद्दा मूल भावना का
धरने को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि धरने में 36 कौम के लोग शामिल हैं। यह मुद्दा एससी-एसटी का नहीं, संविधान की मूल भावना का है, जिसकी केंद्र सरकार धज्जियां उड़ा रही है। वे राष्ट्रवाद के नाम पर विघटन पैदा करना चाहते हैं। भाजपा का राष्ट्रवाद छद्म है।

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dinesh Desk
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