खरीद फरोख्त की आशंका के चलते कांग्रेस की फिर से बाड़ाबंदी

राजस्थान में एक बार फिर से बाड़े बंदी का खेल शुरू हो गया है। इस बार बाड़ाबंदी में असम में कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन के डेढ़ दर्जन नेताओं को दिल्ली रोड पर होटल फेयरमोंट में ठहराया गया है। ये वही होटल है, जहां पर राज्य में कांग्रेस सरकार में सामने आई गुटबाजी के दौरान अशोक गहलोत गुट के विधायकों को ठहराया गया था।

By: Ashish

Published: 09 Apr 2021, 10:05 PM IST

जयपुर

राजस्थान में एक बार फिर से बाड़े बंदी का खेल शुरू हो गया है। इस बार बाड़ाबंदी में असम में कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन के डेढ़ दर्जन नेताओं को दिल्ली रोड पर होटल फेयरमोंट में ठहराया गया है। ये वही होटल है, जहां पर राज्य में कांग्रेस सरकार में सामने आई गुटबाजी के दौरान अशोक गहलोत गुट के विधायकों को ठहराया गया था। जयपुर में बाड़ाबंदी नई नहीं है, इससे पहले भी महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और अन्य जगहों के विधायकों को राजनीतिक संकट के दौरान यहां ठहराया जा चुका है। हालांकि असम से आए नेताओं के इस ठहराव को सरकारी मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी ने मीडिया से हुई बातचीत में कांग्रेस पार्टी के मेहमानों की मेहमाननवाजी बताया है।

मिली जानकारी के मुताबिक असम में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के विधानसभा उम्मीदवारों की बाड़ाबंदी की गई है। कुछ नेता भी इनके साथ बताए जा रहे हैं। शुक्रवार दोपहर को गुवाहाटी से करीब डेढ़ दर्जन से अधिक नेता सांगानेर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से उन्हें कारों से सुरक्षित तरीके से दिल्ली रोड़ स्थित फेयरमोंट होटल में ले जाया गया। बाड़ेबंदी की कमान सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी और कांग्रेस विधायक रफीक खान ले संभाली। बाड़ेबंदी में सुहाना रहमान,आसमा खातून, समसूल खुदा, हाफिज बशीर अहमद, मीनाक्षी रहमान रिजा, मोहम्मद निज उर रहमान, संधिदर तालुकेदार, नजीब अहमद, अमीनुल इस्लाम, रफीकुल इस्लाम सुजान, लश्कर निजाम चौधरी, नजर उल हक, अमीनुल इस्लाम, अशरफहुल हुसैन करीम, दारुल हुदा, जाकिर हुसैन ओर पृथ्वीराज साठे पहुंचे शामिल हैं। कुछ अन्य नेताओं के भी असम से जयपुर पहुंचने की संभावनाएं हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि असम में चुनावी परिणाम सामने आने तक इन्हें बाड़ेबंदी में रखा जा सकता है।

इनका यह कहना....


जोशी ने कहा, सभी पार्टी के मेहमान
सरकारी मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी ने कहा कि भाजपा केन्द्र में रहते हमेशा तोड़फोड़ की राजनीति करती आई है। विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि असम से आने वाले नेता पार्टी के मेहमान हैं। यह कितने दिन रहेंगे, हमने उनसे नहीं पूछा है। हम तो सबको अपना मेहमान मान रहे हैं। हमारी जिम्मेदारी उनकी देखभाल की है। हम उनकी अच्छे से खातिरदारी करेंगे। हालांकि जोशी इस बात से बचते नजर आए कि इन्हें यहां क्यों लाया गया है, ये कब तक रहेंगे और कौन कौन से दलों के प्रत्याशी हैं।

वहीं, विधायक रफीक खान ने कहा कि बीजेपी डेमोक्रेसी को खत्म कर रही है। सभी अपने आप को बीजेपी से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सुरक्षित स्थान तलाश रहे हैं।

 

 

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