केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग पर कांग्रेस का मौन व्रत, निशाने-मोदी, योगी सरकार

- जयपुर के सिविल लाइन्स फाटक पर सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 1बजे तक रखा मौन व्रत, लखीमपुर खीरी कांड को लेकर कांग्रेस मोदी और योगी सरकार पर हमलावर है,रीट परीक्षा मामले में भाजपा की सीबीआई को जांच की मांग को डोटासरा ने बताया नौटंकी

By: firoz shaifi

Published: 11 Oct 2021, 05:10 PM IST

जयपुर। यूपी के लखीमपुर खीरी कांड घटना के विरोध और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को देशभर में मौन व्रत रखा। राजधानी जयपुर में भी प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में सिविल लाइन्स फाटक पर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक मौन व्रत रखा गया मौन व्रत धरने में सरकार के कई मंत्री-विधायकों के साथ साथ पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

हालांकि मौन व्रत धरने में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी शामिल होना था, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री का धरने में शामिल होने का कार्यक्रम टल गया। धरने के बाद प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र के मोदी और यूपी के योगी सरकार सरकार के साथ-साथ प्रदेश भाजपा के नेताओं पर भी जमकर निशाना।

डोटासरा ने कहा कि क्या वजह है कि घटना के इतने दिन के बाद भी केंद्र की मोदी सरकार गृह राज्यमंत्री का इस्तीफा नहीं ले रही है, जबकि योगी सरकार भी घटना के अन्य दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद गृह राज्यमंत्री के बेटे को अरेस्ट किया गया। डोटासरा ने कहा कि जब तक गृह राज्यमंत्री का इस्तीफा नहीं हो जाता तब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है।


प्रदेश भाजपा पर डोटासरा का निशाना
मौन व्रत के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश भाजपा के धरने पर भी सवाल खड़े करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सतीश पूनिया पहली बार किसी धरने पर बैठे हैं, अगर रीट परीक्षा में राजनीतिक नौटंकी करने की जगह जनता की किस समस्या को लेकर धरने पर बैठते तो ज्यादा बेहतर होता। उन्होंने कहा कि रीट परीक्षा को लेकर कोई साक्ष्य भाजपा के पास हो तो उसे एसओजी को देना चाहिए । डोटासरा ने कहा कि रीट परीक्षा के मामले में चाहे कोई भी हो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

भाजपा ने तब क्यों नहीं की सीबीआई जांच
डोटासरा ने भाजपा की सीबीआई जांच की मांग को नौटंकी करार देते हुए कहा कि साल 2017 में भी रीट की परीक्षा हुई थी, जिसमें पेपर लेकर शिकायतें थीं। लेकिन 17 दिन तक धरने-प्रदर्शनों के बावजूद भाजपा को अपने राज में सीबीआई जांच की याद क्यों नहीं आई? उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बहुत फर्क है। भाजपा केवल राजनीतिक मुद्दे के तौर पर पेपर लीक मामले में सीबीआई से जांच करवाना चाहती है।

प्रदेश की जांच एजेंसियों पर भाजपा को भरोसा नहीं
डोटासरा ने कहा कि भाजपा के नेता कहते थे कि बत्तीलाल पकड़ा जाएगा तो कई तार अलग-अलग जुड़ेंगे। राज्य की एसओजी ने बत्तीलाल मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, अब भाजपा को चाहिए कि वो तार भी ढूंढ लाए जिससे कि जिससे कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।

पीसीसी चीफ ने कि अब जब एसओजी ने मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है तो अब सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि भाजपा को राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है।

firoz shaifi Desk
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