सहाड़ा उपचुनावः  पितलिया मामले में कांग्रेस की रणनीति में भारी चूक, थिंक टैंक नाराज

भाजपा के बागी लादू लाल पितलिया के मामले में चूक हुई कांग्रेस नेताओं से, पितलिया का पत्र 30 मार्च को ही आ चुका था कांग्रेस नेताओं के पास, पार्टी नेताओं ने फिर भी जारी नहीं किया लेटर

By: firoz shaifi

Published: 03 Apr 2021, 10:14 AM IST

जयपुर। सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा से बागी होकर चुनाव मैदान में कूदे बागी लादू लाल पितलिया की ओर से नामांकन वापस लेने से जहां भाजपा उत्साहित है तो वहीं कांग्रेस के रणनीतिकारों से बड़ी चूक हुई।

विश्वस्त सूत्रों की माने तो भाजपा से बागी होकर नामांकन भरने वाले लादूलाल पितलिया का पत्र 30 मार्च को ही सहाड़ा का चुनावी प्रबंधन संभाल रहे कांग्रेस नेताओं के पास आ चुका था लेकिन बावजूद इसके इन नेताओं ने न तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और ना ही पार्टी के आला नेताओं को पत्र से अवगत करवाया और मामले में को हलके में ले लिया जिसके बाद भाजपा नेता पितलिया से नामांकन वापस करवाने में सफल साबित हुए।


कांग्रेस की रणनीति में चूक
सूत्रों की माने तो भाजपा के बागी लादू लाल पितलिया के नामांकन वापसी होने से कहीं ना कहीं कांग्रेस के रणनीतिकारों की बड़ी चूक भी सामने आई है। जानकारों की माने तो इस तरह का पत्र और ऑडियो वायरल होने के बावजूद भी कांग्रेस के नेता हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। जबकि इन नेताओं को चाहिए था कि वह पितलिया के पत्र और ऑडियो वायरल आने के बाद पूरी सक्रियता दिखाते और पितलिया को मैदान में खड़ा रखते लेकिन कांग्रेस नेताओं के अति आत्मविश्वास के चलते भाजपा अपनी रणनीति में सफल रही।

कांग्रेस का थिंक टैंक नाराज
सूत्रों की माने तो सहाड़ा में पार्टी नेताओं के पास भाजपा के बागी पितलिया का लेटर और वायरल होने के बावजूद पार्टी नेताओं की ओर से ठोस कदम नहीं उठाने से कांग्रेस का थिंक टैंक नाराज हैं। सूत्रों की मानें तो अब तीनों ही सीटों पर खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पैनी नजर रखेंगे और अब लगातार चुनाव प्रभारियों से फीडबैक भी लिया जाएगा।

पत्र की सत्यता पर सवाल
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी की ओर से भले ही दावे किए जा रहे हो कि भाजपा के बागी लादू लाल पितलिया ने भाजपा की ओर से परेशान करने, बेंगलुरु स्थित उनके कारोबार को कर्नाटक सरकार की ओर से जबरन बंद कराने और परिवार को सुरक्षा की मांग का पत्र जारी करने का दावा किया हो लेकिन पत्र की सत्यता पर ही कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

दरअसल जो पत्र लिखा गया है वह एक सादे कागज पर है। इसमें लादूराम पितलिया का लेटर हैड का इस्तेमाल नहीं किया गया है। जबकि कांग्रेस नेताओं की ओर से भी कहा जा रहा है कि यह तो लेटर वायरल होने के चलते उनके पास पहुंचा है। ऐसे में कहीं न कहीं अब पत्र की सत्यता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

इधर भाजपा से बगावत कर चुनाव मैदान में कूदे लादूलाल पितलिया के चुनाव लड़ने से कहीं ना कहीं भाजपा को भारी नुकसान की आशंका थी। ऐसे में उनके नामांकन के साथ ही भाजपा के कई नेता लगातार उनके और उनके परिवार संपर्क कर नामांकन वापसी कराने का प्रयास करते हे। इसके बाद कल भाजपा अपनी इस मुहिम में सफल भी हो गई। हालांकि कांग्रेस की ओर से पितलिया को डरा धमका कर नामांकन वापसी कराने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

firoz shaifi Desk
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