दुकानदार ने उपभोक्ता से सामान के साथ प्रिटेंड बैग के लिए दो रूपए, अब देना पड़ेगा दस हजार का हर्जाना

State consumer commission : राज्य उपभोक्ता आयोग खारिज करते हुए दस हजार रुपए जुर्माना चुकाने के आदेश दिए

कमलेश अग्रवाल / जयपुर. उपभोक्ता से सामान के साथ प्रिटेंड बैग के बदले दो रूपए लेने पर राज्य उपभोक्ता मंच ने दस हजार रुपए हर्जाना लगाया था। इसके खिलाफ दायर अपील को राज्य उपभोक्ता आयोग खारिज करते हुए दस हजार रुपए जुर्माना चुकाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने माना की बैग पर कंपनी का लोगो था यानि कंपनी पेपर बेग का उपयोग अपने विज्ञापन के लिए कर रही थी।


सोडाला निवासी महेश पारीक ने 16 अप्रैल 2016 को बाटा स्टोर से 399 रुपए में जूते खरीदे थे। कंपनी ने कीमत में दो रुपए जोडकर कागज के बैग में जूते का डब्बा रखकर परिवादी को दे दिया। जिसके खिलाफ उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता मंच में परिवाद दायर कर कहा कि कंपनी बैग की कीमत वसूल रही है ऐसे में उस पर किसी तरह का विज्ञापन नहीं होना चाहिए। उसे सादा बिना प्रिंटेड बैग देना चाहिए। जिस पर मंच ने कंपनी पर दस हजार रूपए हर्जाना लगाया था। इस आदेश के खिलाफ कंपनी ने आयोग में अपील की। जिसमें कहा कि प्लास्टिक बैग बंद हो चुके हैं। ऐसे में कैरी बैग के सिर्फ 2 रुपए लिए गए। लेकिन कंपनी विज्ञापन के संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। जिस पर आयोग ने अपील को खारिज कर दिया।

Deepshikha Vashista
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