नई वक्फ कमेटी से पहले विवाद, यह बना कारण

राज्य वक्फ बोर्ड: मुख्यमंत्री को बोर्ड की कार्यशैली को लेकर लिखा पत्र

By: SAVITA VYAS

Published: 10 Jan 2021, 12:19 PM IST

जयपुर। राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फस की ओर से जनवरी के दूसरे सप्ताह में बोर्ड के सीधे अधीन वक्फ की बेशकीमती संपत्तियों के संरक्षण के लिए नई कमेटी गठन और लंबे समय से जिम्मा संभाल रही पुरानी वक्फ कमेटियों में बदलाव किया जाना तय है। इससे पहले ही संपत्तियों की देखरेख और जिम्मा सौंपने वाले वक्फ बोर्ड की कार्यशैली सवालों के घेरे में नजर आ रही है। हाल ही बोर्ड की बैठक में नई वक्फ कमेटियों को बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। साथ ही पुरानी कमेटियों को हटाने की बात अध्यक्ष खानू खान बुधवाली ने कही थी। हालांकि बोर्ड की सात घंटे से अधिक चली बैठक में सभी सदस्यों की मौजूदगी में इसको लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। कमेटियों के गठित करने का मामला अगली बैठक में करने का हवाला दिया गया। ऐसे में अध्यक्ष खानू खान बुधवाली सहित अन्य सदस्यों की मौजूदगी में होने वाली बैठक में अपने स्तर पर मनमर्जी से पुरानी कमेटियों को हटाने, नई कमेटियों को जिम्मेदारी सौंपने में देरी करने का कई मुस्लिम संगठनों ने विरोध करना शुरू दिया है। संगठनों ने मुख्यमंत्री, अल्पसंख्यक विभाग के शासन सचिव सहित अन्य को निष्पक्षता पूर्ण कार्य के लिए पत्र भेजा है। साथ ही भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को शामिल नहीं करने की मांग की है।

प्रदेश में लगी है आचार संहिता

दरअरसल, प्रदेश में स्थानीय निकाय चनुाव प्रक्रिया के चलते आचार संहिता लगी हुई है। ऐसे में बोर्ड की आंतरिक समितियों का पुनर्गठन करना चाह रहा है। संगठनों के प्रतिनिधियों के मुताबिक यह नियम विरुद्ध है। बोर्ड इस कार्य में पूरी तरह से मनमर्जी कर रहा है। मौजूदा राजस्थान वक्फ बोर्ड का गठन नोटिफिकेशन 9 मार्च 2016 को हुआ है और मौजूदा वक्फ बोर्ड की मियाद 8 मार्च 2021 को समाप्त हो रही है। अध्यक्ष की नियुक्ति राजस्थान सरकार की ओर से 25 नवंबर 2019 को हुई। इस प्रकार पूरे एक साल में दो बोर्ड की बैठक बुलाई है। समाजसेवी अब्दुल लतीफ आरको, सैयद असगर अली सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि अंतिम समय पर ही आखिर क्यों कमेटी को बदला जाना है। इससे पहले भी कई कमेटियां वक्फ अधिनियम के विरुद्ध रही हैं या उन कमेटियों के अपने कार्यकाल में वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। कई गठित कमेटियों के पदाधिकारी, सदस्य अनैतिक काम कर रहे हैं। साथ ही कमेठियों के गठन में राजनीतिकरण हावी न हो, इसके लिए भी संगठनों ने मांग की है।

बोर्ड कर रहा है जल्दी
सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष का कार्यकाल भी मार्च 2021 को समाप्त हो रहा है। इन परिस्थितियों में नई वक्फ कमेटी को जिम्मेदारी सौंपने के लिए बोर्ड जल्दी कर रहा है। कई संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बोर्ड अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि बोर्ड की ओर से की जाने वाली समस्त अनियमितताओं को मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाने को लेकर प्रबुद्ध मुसलमानों का एक शिष्टमंडल प्रयासरत है। पत्र में जिक्र किया है कि पुरानी कमेटियों को सालभर से पहले नहीं हटाने और नई कमेटियों को जिम्मेदारी सौंपने से पूर्व नियमानुसार जांच कर ईमानदार छवि वालों को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। झुंझुनूं स्थित दरगाह नरहड़ शरीफ सब कमेटी में कई मामलों में लिप्त लोगों और बोर्ड के चहेतों को शामिल करने का भी लोगों ने बोर्ड अध्यक्ष खानु खान बुधवाली पर आरोप लगाया है।

जयपुर के कई मामले भी विवादों में

मोहम्मद रईस सहित अन्य लोगों ने वक्फ संपत्तियों के संरक्षण के लिए ईमानदार और बिना मुकदमे वालों को जिम्मेदारी देने, झूठे शपथ पत्र सौंपने वालों को बोर्ड की कमेटी में शामिल न करने की मांग की। इसके साथ ही जयपुर की एमडी रोड स्थित तौवल्लियत मुस्लिम मुसाफिर खाना कमेटी से तौवल्लियत हटाने और कमेटी को बर्खास्त करने की भी मांग की गई है। वहीं एमडी रोड स्थित मुसाफिर खाने के सचिव शौकत कुरैशी को किसी भी समिति में कोई पद नियुक्त नहीं करने की मांग की है।

वक्फ बोर्ड पूरी निष्पक्षता के साथ बोर्ड के सीधे अधीन वाली गठित वक्फ कमेटियों के कार्य की जांच कर चुका है। अन्य मामलों की जांच की जा रही है। जहां कहीं भी गलत है, वहां बिल्कुल कार्रवाई की जाएगी। नई कमेटियां बनाना प्रस्तावित है। कई संगठनों की ओर से आरोप बेबुनियाद तरीके से लगाना गलत है। सबका रेकॉर्ड रखकर ही काम किया जाता है।

खानू खान बुधवाली, अध्यक्ष, राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फस

SAVITA VYAS Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned