राजस्थान के किसानों की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति, ऋण देने से पहले पूछी जा रही किसान की जाति

राजस्थान के किसानों की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति, ऋण देने से पहले पूछी जा रही किसान की जाति

Nidhi Mishra | Updated: 04 Jul 2019, 03:24:19 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

राजस्थान के कई जिलों में किसानों को ऋण देने से पहले उनकी जाति पूछी जा रही है।

जयपुर। सहकारी बैंक ऋण देने से पहले किसान की जाति पूछते हैं। यह सवाल टोंक सहित कई जिलों में पूछा जा रहा था। सहकारिता अधिनियम के तहत लम्बित मामलों की सुनवाई में यह तथ्य सामने आने पर सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने तत्काल इस प्रक्रिया को बदलने का आदेश अपेक्स बैंक तथा भूमि विकास बैंक के एमडी को दिया है। उन्होंने जिला सीसीबी (केन्द्रीय सहकारी बैंक) व भूमि विकास बैंक के प्रबंधकों को आदेश की पालना के लिए कहा है।

 

दरअसल, सहकारी अधिनियम में किसान की जाति पूछने जैसा कोई नियम नहीं है। इसके बावजूद टोंक सहित कई जिलों में ऋण आवेदन में ही जाति पूछे जाने का प्रावधान है। यह मुद्दा कुछ दिन पहले वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी उठाया गया था, हालांकि अधिकारियों ने इसे नकार दिया था। वहीं, रजिस्ट्रार के पास सुनवाई में कुछ ऐेसे मामले आए, जिसमें आवेदनक किसान से उसकी जाति पूछने के साथ उसकी पुष्टि के दस्तावेज भी लिए गए। इस पर रजिस्ट्रार ने आदेश जारी किया।

 

 

 

Cooperative Banks Ask Caste Of Farmers Before Lending Money

किसान की मौत पत्नी को सौंपा 6 लाख का चैक
उधर, हस्तेड़ा के निकटवर्ती ग्राम पंचायत नांगल गोविन्द के ग्राम रणजीतपुरा स्थित सहकारी समिति के सदस्य किसान हरिनारायण कुमावत की सड़क दुर्घटना में मौत होने पर उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी कुमावत को किसान के बीमा की राशि का 6 लाख का चेक समिति के अध्यक्ष गुलाब चन्द लोरा, पूर्व सहकारी समिति अध्यक्ष हरफूल गढवाल व सरपंच सुवा देवी गढवाल ने सौंपा।

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कर्ज ने ली एक और किसान की जान
वहीं प्रदेश में कांग्रेस सरकार की किसान कर्जमाफी जमीनी स्तर पर फेल होती नजर आ रही है। श्रीगंगानगर के जैतसर में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

 

सूचना के मुताबिक जैतसर के रघुनाथपुरा निवासी किसान नेतराम नाथ ने गुरुवार सुबह अपने खेत में जाकर जहर खाकर अपनी जान दे दी। मृतक किसान काफी दिनों से कर्जमाफी की उम्मीद लगाए बैठा था लेकिन उसकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।


बैंक से आ रहे नोटिस की वजह से परेशान था किसान
नेतराम नाथ ने बैंक से कर्ज लेकर रखा था। जिसके चलते उसे बैंक से नोटिस आते थे। इन्ही नोटिस से परेशान होकर उसने अपनी जान देने का कदम उठाया। और गुरुवार सुबह वह अपने घर से खेत चला गया और वह उसने विषाक्त पीकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर जैतसर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल पहुंचाया, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को सुपुर्द किया जायेगा।

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