सौ बैड के निजी अस्पतालों में 25 बैड रखने होंगे आरक्षित

- लॉकडाउन के फैसले में आमजन दे सरकार का साथ

जयपुर. सौ बैड से अधिक क्षमता वाले निजी अस्पतालों में 25 बैड कोरोना वायरस के लिए सुरक्षित रखने पड़ेंगे। यह सब जनता के हित में किए गए फैसले हैं। यह कहना है चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा का। उन्होंने कहा कि जिस तरह राज्य के लोगों ने सहयोग दिया है, शर्तिया हम कोरोना को हराने में कामयाब जरूर रहेंगे। चिकित्सकों की टीम, विभागीय अधिकारी और नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल कोरोना वायरस से लडऩे के लिए तैयार है।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश में कोरोना महामारी खतरनाक चरण में है। राज्य सरकार ने 22 से 31 मार्च तक लॉकडाउन किया है। इससे आमजन को थोड़ी परेशानी जरूरी होगी, लेकिन हर व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए ही सरकार ऐसे फैसले ले रही है। आमजन इस फैसले के साथ खड़ा रहे और कोरोना से बचाव के लिए अपने घरों में ही रहे, तब ही कोरोना को मात दे सकते हंै।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान न बसें चलेंगी ना संस्थान खुलेंगे। सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। केवल आवश्यक वस्तुएं जैसे किराना, दवा, बैंक आदि ही खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि एक करोड़ लोग जो बीपीएल परिवार या राज्य बीपीएल से हैं उनको राज्य सरकार ने 5 किलो राशन निशुल्क देने का फैसला किया है। गरीब और झुग्गी झोपडिय़ों में रहने वालों को भी यह लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 78 लाख पेंशनधारियों को भी दो महीने के पैसे जारी करने, दिहाड़ी मजदूर और स्टीट वेंडर्स को भी फूड पैकेट्स देने का निर्णय किया गया है।
कम्यूनिटी स्प्रेड होने के अंदेशे से लगाया कफ्र्यू —
शर्मा ने कहा कि भीलवाड़ा और झुंझुनूं में कम्यूनिटी स्प्रेड होने लगा तो सरकार को कफ्र्यू लगाना पड़ा। अभी कोरोना के संक्रमण का तीसरा दौर है, जो कि बेहद खतरनाक है, इसलिए सरकार को कठोर कदम उठाने पड़ रहे हैं। आमजन घरों में रहें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बार-बार साबुन से हाथ धोएं, एक मीटर की दूरी पर रहे। जो लोग संदिग्ध है वे आइसोलेशन में रहें।

Avinash Bakolia Reporting
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