भीलवाड़ा में एक दिन पहले कोरोना पॉजिटिव आए वृदृध की मौत, प्रदेश में तीन नए मामले

— चिकित्सा विभाग ने कहा..3 मार्च को ही कोमा में चला गया था वृदृध, मौत को कोरोना से मानना सही नहीं
— जयपुर, झुंझून और जोधपुर में एक एक नया मामला, जोधपुर के मामले की अभी पुष्टि नहीं
— एसएमएस में पहले रोबोट ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों को खाना और दवा देना किया शुरू

 

Vikas Jain

26 Mar 2020, 06:59 PM IST

जयपुर। प्रदेश में कोरोना के लगातार बढ़ते जा रहे मरीजों के बीच गुरुवार को कोरोना का खतरनाक जोन बनते जा रहे भीलवाड़ा में कोरोना पॉजिटिव 73 वर्षीय वृदृध नारायण सिंह की मौत हो गई। उन्हें एक दिन पहले ही पॉजिटिव पाया गया था। हालांकि चिकित्सा विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि उक्त बुजुर्ग पहले से ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित था, ऐसे में उनकी मौत को कोरोना से मानना उचित नहीं है।

वहीं प्रदेश में गुरुवार को जयपुर, झुंझूनू और जोधपुर में तीन नए मामले सामने आए हैं। हालांकि चिकित्सा विभाग ने जोधपुर के मामले की पुष्टि नहीं की है। जोधपुर का 25 वर्षीय युवक 25 मार्च को लंदन से लौटा था। झुंझूनू में पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति की उम्र 35 वर्ष है। दोनों की मिडिल ईस्ट से ट्रेवल हिस्ट्री है। चिकित्सा विभाग ने दोनों मरीजों के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग और पहचान शुरू कर दी है। प्रदेश में अब तक चिकित्सा विभाग के अनुसार कुल मरीजों की संख्या 40 हो गई है। जबकि गैर आधिकारिक आंकड़ा 41 का हो गया है। वहीं राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में गुरुवार को पहले रोबोट सोना 2.50 ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों को खाना और दवा देना शुरू कर दिया।

3 मार्च से कोमा में था वृदृध

भीलवाड़ा में मौत के शिकार हुए नारायण सिंह 3 मार्च को ही लकवा आने के कारण कोमा में चले गए थे। इससे पहले से वे किडनी व मधुमेह के रोगी थे और उनका हिमोडायलिसिस चल रहा था। कोमा में चले जाने के कारण उन्हें भीलवाडा के निजी ब्रजेश बांगड अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वे 3 से 11 मार्च तक यहां बांगड अस्पताल में ही भर्ती रहे। तबीयत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने सिंह को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया और परिजन उन्हें घर ले आए।

सर्वे में हुई जांच और पॉजिटिव

20 मार्च को भीलवाडा जिले में डॉ नियाज, डॉ आलोक मित्तल एवं अन्य के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में सर्वे का काम शुरू करवाया। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में पाया गया कि सिंह भी 3 से 11 मार्च तक इन्हीं डॉक्टरों के अस्पताल में भर्ती थे। एहतीयात के तौर पर सिंह के कोरोना जांच के नमूने लिए गए, जिसमें कोविड 19 पॉजिटिव पाया गया।
उसके बाद 26 मार्च को सिंह की मृत्यु जो गई।

इटली नागरिक की भी हो चुकी है मौत

सवाई मानसिंह अस्पताल में 29 फरवरी को इटली दंपत्ती को कोरोना वायरस का संदिग्ध मानते हुए भर्ती करवाया गया था। बाद में उनकी जांच में कोरोना पॉजिटिव आया। कुछ दिन उपचार के बाद दोनों इटली दंपत्ती को एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों ने कोरोना फ्री घोषित कर दिया। बाद में इटली महिला ने अपने पति को दूसरी बीमारियों के उपचार के लिए यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। 20 मार्च को इटली नागरिक की मौत हो गई थी।

जयपुर में रामगंज से मिला पॉजिटिव

राजधानी जयपुर में पॉजिटिव मिला व्यक्ति रामगंज का निवासी है। जानकारी के अनुसार युवक कुछ दिन पहले ही विदेश से लौटा था। उसे आईसोलेशन वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के साथ इस मरीज को भर्ती किया गया। उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।

अस्पताल से घर और श्मशान तक बनाया कॉरिडोर

कोरोना संक्रमित रोगी की मौत के बाद भीलवाड़ चिकित्सा प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाद में अस्पताल से शाम की सब्जी मंडी तक कॉरिडोर बनाकर शव ले जाया गया। श्मशान तक भी कोरिडोर बनया गया। मृतक के परिवार के 21 सदस्यों को भी आइसोलेटेड किया गया है।

Vikas Jain Reporting
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