गुजरात और महाराष्ट्र से हजारों लोग पैदल आ रहे, वहां की सरकार ना उन्हें रोक रही और ना ही स्क्रीनिंग कर रही: चिकित्सा मंत्री

प्रदेश की सरकार ने लोगों को रोककर स्क्रिनिंग की है

कोरोना प्रभावित जिलों में लगाए अतिरिक्त चिकित्सक

 

By: Vikas Jain

Updated: 27 Mar 2020, 04:24 PM IST

जयपुर। चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि कोरोना प्रभावित जिलों में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं है। हाल ही 13 अतिरिक्त चिकित्सकों को सिरोही, 10 चिकित्सकों को जालोर लगाया है। इसके अलावा उदयपुर से 50 इंटर्न करने वाले चिकित्सकों को डूंगरपुर लगाया गया है। इनको स्क्रिनिंग के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य में 37 ईएसआई अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को स्क्रिनिंग के लिए डूंगरपुर लगाया गया है। इसके अलावा प्रदेश में कार्यरत 450-500 दंत चिकित्सकों को प्रशिक्षण देकर इनका सदुपयोग कोरोना में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

सपंर्क में आए लोगो की ट्रेसिंग
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि जिन 2 व्यक्तियों का निधन कल हुआ , वे डायबिटीज, हार्ट, किडनी जैसी कई अन्य घातक बीमारियों से भी ग्रस्त थे। उनके से एक 73 साल और एक 60 वर्ष के थे। इन दोनों लोगों के सपंर्क में आए व्यक्तियो की ट्रेसिंग करवाकर स्क्रिनिंग की जा रही है।

1950 दल ग्रामीण और 332 शहरी क्षेत्रों कर रहा है स्क्रिनिंग

शर्मा ने बताया कि भीलवाड़ा में 24 लाख लोगों की स्क्रिनिंग का काम वहां चिकित्सा विभाग की टीम कर रही है। 1950 टीम ग्रामीण क्षेत्रों में और 332 लोगों की टीम शहरी क्षेत्रों में काम करही है। भीलवाड़ा की सीमाएं सील की हुई है। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि चिकित्सा विभाग हो या अन्य विभाग हो सब अलर्ट मोड पर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। लॉकडाउन की स्थिति में आमजन को दवा, सब्जी, दूध, किराना और रोजमर्रा की चीजें प्राप्त करने में कोई परेशानी ना हो इसके लिए मुख्यमंत्री लगातार निगरानी कर रहे हैं।

पैदल आने वाले हजारों लोगों की हो रही स्क्रिनिंग

शर्मा ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में लोग पैदल चलकर सिरोही, जालोर, प्रतापगढ़ और समीपवर्ती जिलों में आ रहे हैं। वहां की सरकार ना उनको रोक रही है और ना ही स्क्रिनिंग करके भेज रही है। एक ओर लॉकडाउन की अपनी प्रधानमंत्री की ओर से अपील की गई है और दूसरी ओर भारी संख्या में लोग पैदल आ रहे हैं। प्रदेश की सरकार ने लोगों को रोककर स्क्रिनिंग की है। जरूरत पड़ने पर उन्हें क्वारेंटाइन में भी रखा जा रहा है।

अधिकांश के खातों में पहुंचा पैसा

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद अधिकांश लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया है, जिनके खाते नहीं है उन्हें 1 हजार रुपए नकद दिए जाएंगे। बीपीएल और स्टेट बीपीएल परिवारों को 5 किलो प्रति व्यक्ति राशन दिया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में खाने के पैकिट्स, सूखे फूड प्रोडक्ट्स बांटे जा रहे हैं।

Vikas Jain Reporting
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