Corona : 90 प्रतिशत मरीजों में नजर नहीं आ रहे कोरोना के लक्षण

Corona : जयपुर . प्रदेश में Corona के 10 प्रतिशत वे मरीज आ रहे हैं जिनमें Corona Symptoms दिख रहे हैं, इसके अलावा 90 प्रतिशत वे Patients हैं जिनमें कोरोना के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं।

By: Anil Chauchan

Updated: 16 Jul 2020, 08:04 PM IST

Corona : जयपुर . प्रदेश में कोरोना ( Corona ) के 10 प्रतिशत वे मरीज आ रहे हैं जिनमें कोरोना के लक्षण ( Corona Symptoms ) दिख रहे हैं, इसके अलावा 90 प्रतिशत वे मरीज ( Patients ) हैं जिनमें कोरोना के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। कोरोना के लक्षण नजर नहीं आने वाले मरीजों को तलाशना बड़ी चुनौति है। यही कारण है कि राजस्थान में कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाया है।


यह जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने गुरुवार को कोरोना की रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने बताया कि जुलाई में कोरोना के नए मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। प्रदेश में वर्तमान में 25 हजार जांचें प्रतिदिन हो रही है। यही कारण है कि नए मरीज ज्यादा सामने आ रहे हैं। राजस्थान में रिकवरी रेट व मृत्युदर में काफी सुधार हो रहा है। बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अखिल अरोड़ा, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गैलरिया, एमडी एनएचएम नरेश ठकराल, आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भण्डारी, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ.के.के.शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

कोरोना से होने वाली मृत्यु दर कम होकर अब 2 प्रतिशत
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 11 लाख से अधिक कोरोना सेम्पल की जांच की जा चुकी है। प्रदेश में 27 स्थानों पर कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध कराई है। प्रदेश में प्रति 10 लाख सेम्पल की दृष्टि से राजस्थान देश के अग्रणी प्रदेशों में शामिल है। राष्ट्रीय औसत 9168 की तुलना में राजस्थान में प्रति 10 लाख की आबादी पर 14122 सेम्पल लिए जा रहे हैं। राजस्थान की पॉजिटिव रेट 2.35 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय औसत 7.82 है। इसी प्रकार राजस्थान की रिकवरी रेट लगभग 74 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 63.27 प्रतिशत है। राजस्थान में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर कम होकर अब 2 प्रतिशत रह गई है जबकि राष्ट्रीय औसत 2.60 है। अधिक पॉजिटिव आने वाले जिलों में अतिरिक्त चिकित्सा दल एवं अधिकारियों को भिजवाने के निर्देश दिए हैं।

कटेंनमेंट को सुदृढ करने के निर्देश -
जोधपुर में दक्षिण भारत एवं मुम्बई से रेल के जरिए आने वाले पॉजिटिव मरीजों की संख्या में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरते तथा वॉलसिटी में फोकस व कटेंनमेंट को सुदृढ करने के निर्देश दिए गए। पाली में संभावित कम्युनिटी स्प्रेड को देखते हुए अतिरिक्त चिकित्सा दल भिजवाने, अलवर के भिवाड़ी में श्रमिकों के लिए औद्योगिक संस्थानों में क्वारंटाईन की व्यवस्था करने, बीकानेर की वॉलसिटी में सेम्पल की संख्या बढाने, बाड़मेर व जालोर में भी अतिरिक्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

47 गंभीर मरीजों का प्लाज्मा थैरेपी से उपचार -
डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 47 गंभीर मरीजों का प्लाज्मा थैरेपी से उपचार किया गया है और इसके शत प्रतिशत परिणाम रहे हैं। वेंटिलेटर पर चल रहे 5 मरीजों का भी उपचार प्लाज्मा थैरेपी से किया गया है। प्लाज्मा थैरेपी से उपचार के महत्व को ध्यान रखते हुए प्रदेशभर में पॉजिटिव से नेगेटिव होने वाले लोगों की सूची बनाने के निर्देश दिए। इन लोगों को प्लाज्मा डॉनेट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि प्लाज्मा थैरेपी से उपचार के लिए प्लाज्मा बैंक को बढाया जा सके। अब तक पॉजिटिव से नेगेटिव हुए 20 व्यक्ति प्लाज्मा डॉनेट करने के लिए अपनी रजामंदी दे चुके हैं। कोरोना पॉजिटिव गंभीर प्रकृति के रोगियों को उपचार के लिए आवश्यक होने पर लगभग 40 हजार रुपए की कीमत के टोसिलीजुमेब इंजेक्शन भी लगाए गए हैं।

Anil Chauchan Desk
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