कोरोना प्रभाव:सरकार ने ईपीएफ से पैसा निकालने के नियमों को बनाया आसान

(Covid effect)कोरोना प्रभाव के चलते केन्द्र सरकार ने (EPFO) ईपीएफओ (Member Empoloyees) सदस्य कर्मचारियों के ईपीएफ खाते में जमा रकम का (75 Percent) 75 फीसदी या (Three months salary) तीन महीने का वेतन (जो भी कम हो) निकालने और अगले तीन महीने तक छोटी कंपनियों के लिए ईपीएफ खाते में कंपनी और कर्मचारी देानों का हिस्सा जमा करवाने की घोषणा की हैं।

जयपुर,26 मार्च
(Covid effect)कोरोना प्रभाव के चलते केन्द्र सरकार ने (EPFO) ईपीएफओ (Member Empoloyees) सदस्य कर्मचारियों के लिए ईपीएफ खाते में जमा रकम का (75 Percent) 75 फीसदी या (Three months salary) तीन महीने का वेतन (जो भी कम हो) निकालने और अगले तीन महीने तक छोटी कंपनियों के लिए ईपीएफ खाते में कंपनी और कर्मचारी देानों का हिस्सा जमा करवाने की घोषणा की हैं। निकाली गई रकम नॉन—रिफंडेबल होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना से पैदा हुए हालात में राहत देने के मकसद से ये एलान किए. उन्होंने कहा कि इसके लिए ईपीएफ नियमों में सरकार बदलाव करेगी. वित्‍त मंत्री ने कहा कि ईपीएफ खातों की निरंतरता को बनाए रखने के लिए सरकार अगले तीन महीने ईपीएफ खाते में संस्‍थान और कर्मचारी दोनों का कॉन्ट्रिब्‍यूशन जमा करेगी. ईपीएफ के नियमों के अनुसार, संस्‍थान और कर्मचारी दोनों मासिक सैलरी के 12 फीसदी तक का योगदान करते हैं. नए नियम 1 अप्रैल, 2020 से लागू होंगे.

क्‍या हैं ईपीएफ के नियम?
ईपीएफ के मौजूदा नियमों के अनुसार, एक कर्मचारी समय से पहले केवल कुछ खास कारणों के लिए अपने ईपीएफ खाते से पैसा निकाल सकता है. इनमें नौकरी गंवाना, शादी, शिक्षा, खरीद या घर का निर्माण, मेडिकल इमर्जेंसी वगैरह शामिल हैं. हालांकि, यह निकासी कुछ नियमों और शर्तों के अधीन है.

Mukesh Sharma
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