कोरोना ने फलों के राजा आम की फीका की मिठास


— व्यापार बीते साल के मुकाबले इस साल काफी मंदा, आवक भी कम

By: Harshit Jain

Updated: 16 May 2020, 06:49 PM IST


जयपुर. कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन से फलों का राजा आम इन दिनों आम आदमी की पहुंच से दूर है। महामारी के इस दौर में ठंडे आम रस का स्वाद फीका हो गया है। मंडियों के अलावा अन्य बाजार, सुपर मार्केट, मोहल्लों में ठेलों पर पर आम की कई किस्मों की खुशबू महक भी गायब है। राजधानी के फल विक्रेताओं के मुताबिक लॉकडाउन होने से कई राज्यों से आम नहीं आ रहे हैं। मुंबई और आसपास की जगहों के बजाय इस बार दक्षिण भारत में हैदराबाद, बेंगलुरू सहित अन्य जगहों की फसल आ रही है। मई में जहां आम की तमाम किस्म बाजार में उपलब्ध हो जाती थी इस बार सफेदा और बादामी आम ही बाजार में पहुंच पाया है। जयपुर फल सब्जी थोक विक्रेता संघ मुहाना टर्मिनल के अध्यक्ष राहुल तंवर ने बताया कि मंडी से जयपुर ही नहीं बल्कि प्रदेशभर के सभी सभी जिलों में 70 प्रतिशत फल सब्जी का व्यापार तय होता है। परंतु इस बार बीते साल के मुकाबले व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। हर महीने दस करोड़ के आसपास का कारोबार में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। रविवार को मंडी बंद रहेगी।

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40 प्रतिशत तक कीमतों में इजाफा
आवक कम होने से बीते साल से 40 प्रतिशत तक कीमतों में इजाफा हुआ है। फल व्यापारी नरेश मोटवानी ने बताया कि यूपी का लंगड़ा, दशहरी, गिर आम, केसर, तोतापुरी आम इस महीने के बजाय जून में जयपुर में मिलना शुरू होंगे। जहां सीजन में सप्ताह में 20 ट्रक माल आम का आता था अब यह 5 से 7 ट्रक आ रहे हैं। हर महीने 1200 टन बिकने वाले की बिक्री अब 400 टन के पास ही हो रही है। हर बार 100 के बजाय अलफांसो यानि हापुस आम की कीमत इस बार 250 रुपए किलो तक पहुुंच चुकी है। सफेदा आम भी 70 रुपए किलो तक बिक रहा है। आयातित विदेशी सेब भी नहीं आ रही है।

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15 से 5 लाख पर आ पहुंची बिक्री
थोक फल व्यापारी विजय सिंह धीनवा ने बताया कि हर साल सीजन में रोजाना 15 लाख का कारोबार अब तीन से पांच लाख रुपए पर आ पहुंचा है। 200 दुकानें बड़ी और छोटी फलों की है। रत्नागिरी, केरल, तमिलनाडु, विजयवाडा से ही माल आ रहा है। आवक कम होने से दूसरे जिलों में माल नहीं जा पा रहा। मुंबई, पुणे, अहमदाबाद के बाजार बंद होने से अल्फांजो आम नहीं पहुंच रहा है। फिलहाल लखनऊ का दशहरी, गुजरात से बमुश्किल केसर आम आ रहा है। ज्यादा सप्लाई हैदराबाद से हो रही है। माल के उठाव होने से लेकर सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित होने से व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।

Harshit Jain
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