काेराेना के खाैफ के बीच किसानों काे फसल कटाई की चिंता, नहीं आ रही मशीनें

काेराेना वायरस के खाैफ के बीच प्रदेश के किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान खेतों में खड़ी फसल की कटाई को लेकर काफी चिंता में हैं। प्रदेश के जयपुर,दौसा हनुमानगढ़, गंगानगर, कोटा, झालावाड़, नागौर सहित अधिकत्तर जिलों में इन दिनों फसलों के पकने और उनकी कटाई का समय होने से फसल काटने वाली बड़ी मशीनें (कंबाइन) का आना शुरू हो जाता है...

जयपुर। काेराेना वायरस के खाैफ के बीच प्रदेश के किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान खेतों में खड़ी फसल की कटाई को लेकर काफी चिंता में हैं। प्रदेश के जयपुर,दौसा हनुमानगढ़, गंगानगर, कोटा, झालावाड़, नागौर सहित अधिकत्तर जिलों में इन दिनों फसलों के पकने और उनकी कटाई का समय होने से फसल काटने वाली बड़ी मशीनें (कंबाइन) का आना शुरू हो जाता है। राजस्थान में अधिकत्तर यह मशीनें हरियाणा के करनाल और पंजाब के लुधियाना से आती है। लेकिन काेराेना वायरस के संक्रमण के चलते पूरे देश लाॅकडाउन होने से इस बार यह मशीनें राजस्थान में नहीं पहुंच पाई है। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समय रबी सीजन की फसलें पकाव पर पहुंच चुकी है। खेतों में सरसों और गेहूं की फसल का कटाव भी शुरू हाे चुका है। वहीं चने की कटाई भी लगभग शुरू हाे चुकी है। लेकिन खेतों में बड़े रकबे में खड़ी इन फसलों को काटना किसानों के लिए चुनौती बन गया हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की कटाई के लिए आने वाली कंबाइन मशीनें नहीं पहुंच पाई है। वहीं सरकार ने किसानों काे फसल कटाई में विशेष सावधानी बरतने और अधिकांश कृषि कार्य मशीनाें से करवाने की अपील की है। ऐसे में मशीनों के नहीं आने से किसान चिंता में है कि वह अपनी फसल को कैसे काटेंगे।

कृषि विशेषज्ञ डॉ.गजेन्द्र सिंह ने बताया कि अलवर,हनुमानगढ़,गंगानगर,जयपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में सैंकड़ों की संख्या में कंबाइन मशीनों से कटाई होती थी। लेकिन लॉकडाउन से खेती कार्य पर भी लॉक लगा हैं। वहीं कोरोना संक्रमण से एहतियात बरतने के तौर पर खेतों में बड़ी संख्या में मजदूर भी नहीं लगा सकते है। जिससे फसल काटना मुश्किल हो गया हैं। कोई किसान अगर मजदूर से फसल कटवाना भी चाह रहा है तो उसके सामने समस्या है यह है कि कटाई के लिए उन्हें पर्याप्त संख्या में मजदूर भी नहीं मिल रहे हैं अाैर न ही मशीनों की व्यवस्था है।

1 घंटे में 4 बीघा फसल की कटाई
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे रकबे में फसल उगाने वाले किसान कंबाइन मशीनों को काम में नहीं लेते है। बड़े रकबे में फसल उगाने वाले किसानों के फसल का रकबा अधिक होता है ऐसे में मजदूरों से कटाई में समय अधिक लगता है। यह किसान कंबाइन मशीनों को काम में लेते हैं।क्योकि कंबाइन एक घंटे में करीब 4 बीघा फसल को काट देती है। वहीं पूरे दिन में मशीन 50 बीघा से अधिक के खेत की कटाई कर देती है। इसलिए किसानों की यह मशीन पहली पसंद है। किसान ओमप्रकाश बागड़ा ने बताया कि उनके सौ से अधिक बीघा में गेहूं की फसल हैं अगर उसको मजदूरों से कटाई करवाए तो काफी समय और धन लग जाता है। इसलिए कंबाइन से ही फसल की कटाई करवाते है।

dinesh Desk
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