कोरोना देश में आजादी के बाद सबसे बड़ी इमरजेंसी: राजन

विपक्ष के विशेषज्ञों की मदद ले सरकार
रघुराम राजन ने इकोनॉमी को लेकर मोदी सरकार को चेताया

By: Sharad Sharma

Published: 06 Apr 2020, 01:25 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था आजादी के बाद के सबसे बड़े आपातकाल का सामना कर रही है और यह साल 2008—09 की वैश्विक मंदी से भी गहरा संकट है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसका हल निकालने के लिए विपक्षी दलों और एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए। शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में फाइनेंस के प्रोफेसर राजन ने 'वर्तमान में: भारत की सबसे बड़ी चुनौतीÓ शीर्षक से पोस्ट किए गए एक ब्लॉग पोस्ट यह बात कही है।

जानकारी के अनुसार, राजन ने कहा कि सारे काम प्रधानमंत्री कार्यालय से नियंत्रित होने से ज्यादा फायदा नहीं होगा क्योंकि वहां लागों पर पहले से काम का बोझ ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। सरकार को उन लोगों को बुलाना चाहिये जिनके पास साबित अनुभव और क्षमता है। भारत में ऐसे कई लोग हैं जो सरकार को इससे उबरने में मदद कर सकते हैं। राजन ने यह भी कहा कि यदि उचित तरीके तथा प्राथमिकता के साथ काम किया जाए तो भारत के पास ताकत के इतने स्रोत हैं कि वह महामारी से न सिर्फ उबर सकता है बल्कि भविष्य के लिये ठोस बुनियाद भी तैयार कर सकता है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया की हालत खराब है। दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन होने से पूरा उद्योग-व्यापार ठप पड़ा है। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसी संस्थाओं ने एक बार फिर मंदी आने की आशंका जाहिर की है। तमाम रेटिंग एजेंसियों ने मौजूदा तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में ग्रोथ की दर 2 से 4 फीसदी तक सिमट जाने की आशंका जाहिर की है।

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