स्वास्थ्य मंत्री कह रहे हैं खाली है बेड... उधर मरीजों को सिफाशिस लगाने पर भी नहीं मिल रहे बेड

Corona : जयपुर . प्रदेश में Corona के सामान्य व गंभीर मरीजों को इन दिनों Hospital में Bed उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इसके विपरीत Health Minister दावा कर रहे हैं कि काफी संख्या में High Flow ICU बैड, ICU, Ventilator उपलब्ध है।

By: Anil Chauchan

Published: 07 Sep 2020, 06:32 PM IST

Corona : जयपुर . प्रदेश में कोरोना ( Corona ) के सामान्य व गंभीर मरीजों को इन दिनों अस्पतालों ( Hospital ) में बेड ( Bed ) उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। अस्पताल में भर्ती होने को लेकर उच्चाधिकारियों व मंत्रियों से सिफारिश तक लगानी पड़ रही है, उसके बावजूद निजी अस्पतालों से यही सुनने को मिल रहा है कि अस्पताल कोविड पॉजिटिव मरीजों से फुल है। इसके विपरीत स्वास्थ्य मंत्री ( Health Minister ) दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में काफी संख्या में हाई फ्लोयुक्त आईसीयू ( High Flow ICU ) बैड, आईसीयू ( ICU ) , वेंटीलेटर ( Ventilator ) उपलब्ध है। सरकारी कागजों और धरातल की सच्चाई में दिन-रात का अंतर नजर आ रहा है।


स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना को लेकर प्रदेश में संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में हाई फ्लोयुक्त 3018 आईसीयू बैड हैं, इनमें से वर्तमान में 872 ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं। सरकार ने पर्याप्त शय्याओं का इंतजाम कर रखा है और निरंतर विभाग शय्याओं में बढ़ोतरी कर रहा है। हाल ही रेलवे से 50 शय्याएं ली हैं। पिछले दिनों 50 बैड आरयूएचएस में बढ़ाए हैं। इसके अलावा 100 कोविड केयर बैड आरयूएचएस में बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास 913 आईसीयू बैड हैं, इनमें से 406 ही काम में आ रहे हैं। 490 वेंटीलेटर्स हैं, इनमें से 113 ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं। प्रदेश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में 130 कोविड डेडिकेटेड अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 292 कोविड केयर सेंटर भी विकसित किए जा चुके हैं।


यह वो सच है जो सरकारी कागजों में दर्ज है। वहीं अगर धरातल की हकीकत पर नजर डालेंगे तो इस समय पूरे प्रदेश में कोरोना के मरीज सिर्फ इस बात से परेशान हैं कि उन्हें अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए चिन्हित अधिकतर अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों की वेटिंग चल रही है। अस्पताल में भर्ती होने के लिए मंत्रियों व अधिकारियों की सिफारिश तक लगानी पड़ रही है। कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजन बार-बार अस्पतालों में फोन करके यही पूछते रहते हैं कि बेड कब तक मिल पाएगा। खुद सरकारी अधिकारी व मंत्री भी इस बात को जानते हैं, लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ और ही हैं।

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Anil Chauchan Desk
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