Corona : निजी अस्पतालों के सामने झुकी सरकार, नई दरों पर होगा कोरोना मरीजों का उपचार

Corona : जयपुर . Corona Patients का Private Hospitals में Treatment को लेकर सरकार ने New Rates की घोषणा की है। सरकार ने अपनी पूर्व में तय की गई दरों को बदल दिया है।

By: Anil Chauchan

Updated: 04 Sep 2020, 07:02 PM IST

Corona :जयपुर . कोरोना मरीजों ( Corona Patients ) का निजी अस्पताल ( Private Hospitals ) में उपचार ( Treatment ) को लेकर सरकार ने नई दरों ( New Rates ) की घोषणा की है। सरकार ने अपनी पूर्व में तय की गई दरों को बदल दिया है। पिछले काफी समय से निजी अस्पताल सरकार पर दबाव बना रहे थे कि पूर्व में घोषित दरों में वे कोरोना मरीजों का उपचार कर पाने में असमर्थ हैं। ऐसे में सरकार को झुकना पड़ा और कुछ कारण गिनाते हुए नई दरों की घोषणा की।


स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि इन दरों के अनुसार ही सभी निजी अस्पतालों को कोविड संक्रमितों का इलाज करना होगा। निर्देशों की पालना कड़ाई से नहीं करने वाले निजी अस्पतालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निजी चिकित्सालयों में कोरोना के इलाज की दरें समान रहे, इसके लिए यह व्यवस्था की है। इन दरों के लागू होने से इलाज के दौरान लगने वाले शुल्क पर मरीजों का भम्र नहीं रहेगा और निजी अस्पतालों की बेलगाम वसूली पर भी रोक लगेगी।

अब गंभीर मरीज से आईसीयू सहित 9 हजार रुपए तक -
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि नई दरों के अनुसार नेशनल एक्रिडेटेड व नॉन एक्रिडेटेड अस्पतालों में भर्ती होने पर संक्रमित मरीज से 5 हजार रुपए तक, गंभीर मरीज से 7500 रुपए और ज्यादा गंभीर मरीज से आईसीयू सहित 9 हजार रुपए तक शुल्क लिया जा सकेगा। इसमें 15 प्रकार के शुल्क जैसे परामर्श शुल्क, चार्जेज, पीपीई किट, बलगम पात्र, दवाएं, ट्यूब्स, बेड, नाश्ता, लंच, डिनर सहित कई अन्य वस्तु शामिल हैं।

नई दरों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का तर्क -
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विभाग ने पूर्व में प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार की दरें निर्धारित की थीं। इन दरों में यह स्पष्ट नहीं था कि इन दरों के अलावा कौन-कौनसी जांचें, दवाइयां व विभिन्न खर्चे कोविड की चिकित्सा में शामिल हैं। ऐसे में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। ऐसी स्थिति में सभी जिला कलेक्टर, सभी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य, वरिष्ठ चिकित्सकों व निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद निजी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार का प्रोटोकॉल एवं अधिकतम दरों का पुन: निर्धारण किया गया है। जल्द ही प्रदेश के निजी अस्पतालों में रिक्त और अधिकृत किए बैडेड की स्थिति जानने के लिए एक सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि कोई भी अस्पताल यह कहकर मरीजों को ना लौटा दे कि सभी बैड फुल हैं। इससे कोई भी अस्पताल बैडेड की संख्या के बारे में झूठ नहीं बोल सकेगा।

जयपुरिया अस्पताल को बनाया कोविड डेडिकेटेड अस्पताल -
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को देखते हुए राज्य स्तर पर राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) जयपुर के साथ ही राजधानी के राजकीय जयपुरिया अस्पताल को भी कोरोना वायरस के उपचार के लिए डेडिकेटेड अस्पताल घोषित कर दिया है। जयपुरिया अस्पताल को सभी साधनों से सुसज्जित किया जाएगा ताकि लगभग 500 मरीजों का इलाज हो सके।

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