जयपुर के जेल में कोरोना विस्फोट के बाद भी राजस्थान की जेल भगवान भरोसे, नहीं हो रही जांच

न्यायिक अधिकारियों के निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट में खुलासा: जेलों में न सेनेटाइजर, न मास्क, अधिकारी बोले-सोशल डिस्टेंसिंग तो संभव ही नहीं

By: pushpendra shekhawat

Published: 29 May 2020, 02:24 PM IST

कमलेश अग्रवाल / जयपुर। राजधानी की केंद्रीय जेल और जिला जेल में लगातार कोरोना संक्रमित बंदी सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद प्रदेश की जेलों में बंद 18,500 से ज्यादा बंदियों में से अब तक केवल 1173 बंदियों की ही कोरोना जांच हो सकी है। 16 जेल व सब जेल में जहां आइसोलेशन वार्ड नहीं हैं वहीं 78 जेल व सब जेल में सेनेटाइजर का अभाव है।

डीजे कैडर के न्यायिक अधिकारियों के निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सौंपी गई है। जयपुर की जिला जेल में 17 मई को एक ही दिन में 118 बंदी पॉजिटिव आए थे। इसके बाद राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहान्ती ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए सभी जेलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए थे। 21 मई तक निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई।

जेलों में सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं, रिपोर्ट के प्रमुख बिन्दु
1. केवल 37 जेलों में जेलकर्मियों का कोरोना टेस्ट हुआ

2. 51 जेलों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं हो रही है। कई उपकारागार अधिकारियों ने कहा कि पालना करवाना संभव नही।
3. 7 जेलों में बंदियों के पास या तो मास्क नहीं हैं या फिर घटिया गुणवत्ता के हैं।

4. 16 सबजेल में नए बंदियों के लिए आइसोलेशन वार्ड ही नहीं है। कई जगह आइसोलेशन और जनरल वार्ड एक साथ ही बने हुए हैं।

5. प्रदेश की 38 जेल ही ऐसी हैं, जहां बंदियों को आइसोलेशन से जनरल वार्ड में भेजने से पहले कोरोना टेस्ट किया जा रहा है।

6. कई सबजेल में डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है और कहीं दवाएं तक नहीं हैं।

जेलों की कुल क्षमता: 20,094
जेलों में कुल बंदी: 18,577

सजायाफ्ता: 4,504
अंडर ट्रायल: 13, 743

रिपोर्ट में ये दिए गए हैं सुझाव

-सेंपल कलेक्शन सेंटर: सभी केंद्रीय कारागार में कोरोना सेंपल कलेक्शन सेंटर होना चाहिए, जहां रोजाना 250-300 सेंपल लिए जाएं।
-आइसोलेशन वार्ड: सभी केंद्रीय कारागार और बड़े जिलों के कारागार में आइसोलेशन वार्ड हों। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अलग से किसी सरकारी बिल्डिंग को अस्थायी जेल भी बनाया जा सकता है।

-संसाधन: जेल प्रशासन को पीपीई किट, इंफ्रा रेड गन्स, मास्क, सेनेटाइजर और ग्लव्ज उपलब्ध कराए जाएं।

-मेडिकल सुविधा: सभी जेलों में मानसिक परामर्श और मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।

जेल महानिदेशक एनआरके रेड्डी से बातचीत

सवाल: जेल में लगातार कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं, क्यों?

जवाब: जयपुर के अलावा सिरोही में एक बंदी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। करीब 250 बंदियों में से 180 बंदियों की रिपोर्ट अब नेगेटिव भी आ गई है।

सवाल: अब तक करीब 1200 बंदियों या प्रहरियों का ही कोरोना टेस्ट हुआ है?

जवाब: नए आने वाले बंदियों का कोरोना टेस्ट करके एंट्री हो रही है। सभी बंदियों का कोरोना टेस्ट संभव भी नहीं है। जेलकर्मियों और ऐसे बंदी, जिनमें कुछ लक्षण हैं, उनका टेस्ट हो रहा है।

सवाल: बंदियों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं हो रही है?

जवाब: जेल मेन्यूअल के अनुसार ही नियमों की पालना हो रही है और जेल करीब सौ साल पुराने हैं। अब वहां पर कैसे संभव होगा। फिर भी जेल प्रशासन अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा है।

pushpendra shekhawat Desk
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