कोरोना: यूं लड़ी जा रही है अदृश्य दुश्मन से जंग

किसी भी जंग का सबसे अहम हथियार होती है, रणनीति। ऐसे में सहज जिज्ञासा उठती है कि कोरोना जैसे अदृश्य शत्रु से लड़ाई में सरकार आखिर क्या रणनीति अपना रही है। सरकार की इस रणनीति का नाम है, कंटेनमेंट प्लान।

By: chandra shekar pareek

Published: 18 Apr 2020, 06:58 PM IST

रणनीति का जिम्मा केंद्र पर, राज्य कर रहे पालन
राज्य का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इस लड़ाई में पूरी तरह केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से निर्धारित गाइडलाइन पर निर्भर है। केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की मदद से कोरोना के खिलाफ एक योजना तैयार की है। जिसमें सभी प्रकार के उपाय शामिल हैं।
एकीकृत प्रणाली से गलती की गुंजाइश कम
इस महामारी के प्रारम्भिक पॉजिटिव मिलने के तुरंत बाद से ही कंटेनमेंट प्लान के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के आधार पर ही स्वास्थ्य मंत्री की ओर से बयान जारी किये जा रहे हैं। ताकि किसी भी स्तर पर कोई असमंजस की स्थिति न बन पाए।
रोगी के घर से पांच किलोमीटर तक सर्वे
जैसे ही किसी इलाके में कोरोना का रोगी मिलता है तो रोगी के घर के एक किलोमीटर की परिधि में कफ्र्यू लगाया जाता है एवं तीन किलोमीटर परिधि तक कंटेनमेंट जोन तथा पांच किलोमीटर तक बफर जोन बनाकर सर्वेक्षण का कार्य किया जाता है।
पहले दिन से ही तैयारी शुरू
निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. के के शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला सामने आते ही रोकथाम के लिये कांटेक्ट ट्रेसिंग एवं प्रभावित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। स्क्रीनिंग का कार्य करने के लिए एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सघन प्रशिक्षण दिया गया।
दो मार्च से शुरू हुई कोरोना से जंग
प्रशिक्षण के उपरांत स्वास्थ्य विभाग की यह टीमें दो मार्च को पहला मामला आने के तत्काल बाद से ही निरंतर प्रभावित क्षेत्रों में घर घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है।
सात करोड़ की आबादी, नौ करोड़ की स्क्रीनिंग
उन्होने बताया कि संदिग्ध रोगियों की पहचान के लिये घर घर सर्वे कर एक्टिव सर्विलेंस एवं चिकित्सा संस्थानों पर पहचान हेतु पेसिव सर्विलेंस की जा रही है प्रदेश की जनसंख्या लगभग साढ़े सात करोड़ है और सर्वेक्षण कार्य में 2 करोड़ 19 लाख से अधिक घरों में जाकर लगभग 9 करोड़ 86 लाख से अधिक व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
भीलवाड़ा में हुई बार-बार स्क्रीनिंग
भीलवाड़ा सहित कई अन्य प्रभावित क्षेत्रों में तो प्रत्येक घर की एक से अधिक बार भी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस समय प्रदेश में 26 हजार से अधिक चिकित्सा दलों की ओर से स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग के दौरान अब तक 7 लाख 94 हजार 383 आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) के रोगियों को चिह्नित कर उनके उपचार की व्यवस्था भी की गई है।
वारियर्स की मजबूत सुरक्षा सबसे पहले
डॉ. शर्मा ने बताया कि कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में सेम्पल एकत्रित करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की समुचित सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है।
दिल्ली से मिल रही भरपूर मदद
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार क्वारेंटाइन की व्यवस्था की गई है। क्वारेंटाइन सेंटर्स पर निर्धारित दूरी पर बेड की व्यवस्था के साथ ही दिशा-निर्देशों के अनुसार अन्य सभी आवश्यक व्यवस्था की गई है। इस समय कुल क्वारेंटाइन के कुल एक लाख 7 हजार 763 बेड, आइसोलेशन के 22 हजार 277 बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।

COVID-19 virus
chandra shekar pareek Desk/Reporting
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