कोरोना काल के सबसे डरावने ये 14 दिन, हे सरकार.. हमसे नहीं हो पाएगा...

सरकार का भरोसा हमने तोड़ दिया। दो सप्ताह के जन अनुशासन पखवाड़े के दौरान राजस्थान में कोरोना के सारे रिकाॅर्ड ध्वंस्त हो गए।

By: JAYANT SHARMA

Updated: 03 May 2021, 01:19 PM IST

जयपुर। यह कैसा अनुशासन.....। इससे बेहतर तो हम गैर अनुशासनित ही अच्छे थे... आप भी यही सोचेंगे जब कोरोना महामारी के राजस्थान में रौद्र रुप की गणना इन पंद्रह दिन के दौरान करेंगे और सोचेंगे आखिर सरकार ने हम पर भरोसा किया लेकिन बदले में हमने सरकार को क्या दिया....?

दरअसल दूसरी लहर में रिकाॅर्ड तोड संक्रमित मिलने के बाद सरकार ने संपूर्ण लाॅकडाउन नहीं लगाते हुए जन अनुशासन पखवाड़ा शुरु किया ताकि हम अनुशासन से काम करें और कोरोना से बचें...। लेकिन सरकार का भरोसा हमने तोड़ दिया। दो सप्ताह के जन अनुशासन पखवाड़े के दौरान राजस्थान में कोरोना के सारे रिकाॅर्ड ध्वंस्त हो गए। फिर चाहे वे नए संक्रमित मिलने के हों.... संक्रमण से मौते होने के हों या फिर जिलों के अनुसार मरीज मिलने के रिकाॅ्रर्ड हों। संक्रमितों के नए रकाॅर्ड देखकर तो अब यही कहा जा सकता है कि हे सरकार..... हमसे तो ना हो पाएगा....।

बेशर्मी: सिर्फ 14 दिन में ही ढाई लाख ने तोड़ दिए नियम
पिछले साल कोरोना की शुरुआत के साथ ही इसकी गाइड लाइन का उल्लघंन करने वालों की के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने सख्ती शुरु की थीं। पिछले साल मार्च से इस साल अप्रेल तक.. यानि तेरह महीने में सरकार ने 16 लाख लोगों के चालान किए जिन्होनें नियम तोड़े। इन सोलह साल चालानों में से सिर्फ दो सप्ताह के दौरान ही दो लाख चालीस हजार से ज्यादा चालान किए गए हैं। यह बड़ी संख्या यह बताने के लिए काफी है कि किस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा ही है।

अतिरिक्त महानिदेषक ने बताया कि अब तक सार्वजनिक स्थलों पर मास्क नहीं लगाने पर 4 लाख 23 हजार 93 बिना मास्क पहने लोगों को सामान बेचने पर 18 हजार 806ए निर्धारित सुरक्षित भौतिक दूरी नहीं रखने पर 11 लाख 71 हजार 995 व्यक्तियों के चालान किये गये है। साथ ही हजारों चालान अन्य धाराओं में किए गए हैं।

सार्वजनिक स्थलों पर थूकंने, शराब का सेवन करने एवं सार्वजनिक स्थलों पर गुटखा.तम्बाकू का सेवन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जा रही है। निषेधाज्ञा तथा क्वारंटाईन मापदण्डों का उल्लघंन करने पर अब तक 4 हजार 254 एफआईआर दर्ज कर अब तक 10 हजार 705 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

डर: लाशों का अंबार.. कुल मौतों का तीस प्रतिशत सिर्फ दो सप्ताह में
अब बात मरीजों, मृतकों और नए संक्रमितों की। जन अनुशासन पखवाड़ा शुरु करने से ठीक पहले यानि 18 अप्रेल को राजस्थान में एक ही दिन में 10262 मरीज मिले थे। एक मई को एक ही दिन में 17652 नए मरीज मिले। कुल मरीजों की बात की जाए तो 18 अप्रेल को कुल मरीज थे 4 लाख 14 हजार 617, जिनकी संख्या दो मई को बढ़कर हो गई 6 लाख 33 हजार 951 ।

यानि सिर्फ तेरह दिन के भीतर ही 2 लाख 20 हजार नए पाॅजिटिव। मृतकों की संख्या और भी डरावनी है। 18 अप्रेल को मृतकों की संख्या प्रदेश में थी 3153 जो सिर्फ 13 दिन में ही तीस प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़कर हो गई 4558। यानि 1405 नई मौतें सिर्फ 14 दिन में। जयपुर और जोधपुर में हाहा कार मचा हुआ है। जयपुर में सिर्फ 14 दिन में 43 हजार से ज्यादा और जोधपुर मे करीब 26 हजार नए मरीज मिले हैं। जबकि 18 अप्रेल तक यह संख्या क्रमशः 75 हजार 700 और 57 हजार 405 थी।

सीएम खुद भावुक हुए, आज से जो नई सख्ती के साथ शुरुआत...
दो सप्ताह पूरे होने के बाद अब आज से नया जन अनुशासन पखवाड़ा शुरु किया गया है कुछ नई सख्तियों के साथ। उसे नाम दिया गया है महामारी रेड अलर्ट. जन अनुशासन पखवाडा। इस पखवाड़े में और ज्यादा सख्ती बरतने के लिए कहा गया है पुलिस और सरकारी मशीनरी को। फिर भी अगर संक्रमण रिकाॅर्ड तोड़ता है तो फिर पूर्ण लाॅकडाउन तक की नौबत आ सकती है।

JAYANT SHARMA Desk
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